नाखूनों में छुपा था कातिलों का काल: रायपुर पुलिस ने DNA टेस्ट से सुलझाया 2 साल पुराना अंधा कत्ल!

रायपुर।21 अगस्त 2024 को खमतराई थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर में रहने वाली 40 वर्षीय लता साहू की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के समय आरोपी बिल्कुल अज्ञात थे और पुलिस के सामने कोई सुराग नहीं था। लेकिन हाल ही में रायपुर नॉर्थ जोन पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने DNA प्रोफाइलिंग के जरिए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर इस अंधे कत्ल की मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया है।

हत्या की मुख्य वजह और खौफनाक वारदात

मृतका लता साहू का दूसरा पति फेरी लगाकर घर चलाता था। 21 अगस्त 2024 को तीनों आरोपी—राजू मंडल उर्फ बंगाली, मनहरण सारंग, और राजेश पाल उर्फ चोटी—जो कि लता और उसके पति के परिचित थे, उसके घर पहुंचे। वहां चारों ने मिलकर शराब पी। शराब खत्म होने के बाद दोबारा शराब मांगने को लेकर विवाद शुरू हो गया।बात बढ़ने पर आरोपियों ने लता को दबोच लिया। राजेश पाल उर्फ चोटी ने लता के दोनों पैर पकड़े, मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ दबोचे, और राजू मंडल उर्फ बंगाली ने उसका गला घोंट दिया। दम घुटने से लता की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर में रखे कैश, साड़ी और चांदी की पायल लूटकर पीछे की दीवार से भाग गए। उन्होंने कैश आपस में बांट लिया और साड़ी-पायल मनहरण ने अपने पास रख ली।

नाखूनों में छिपा था कातिलों का सबूत

जब यह हत्या हो रही थी, तब लता ने खुद को बचाने के लिए आरोपियों से कड़ा संघर्ष किया था और उन्हें नोचने की कोशिश की थी। इसी झूमाझटकी के दौरान आरोपियों की त्वचा के अंश (बायोलॉजिकल ट्रेसेस) लता के नाखूनों में फंस गए। फॉरेंसिक टीम ने मृतिका के नाखूनों से इन जैविक साक्ष्यों को निकाला। हालांकि उस वक्त पुलिस आरोपियों को नहीं जानती थी, लेकिन डीसीपी नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले की निगरानी में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस जैविक साक्ष्य का DNA प्रोफाइल तैयार करवाकर डेटा सुरक्षित रख लिया।

दो साल बाद ऐसे खुली पोल

हाल ही में जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस को कुछ स्थानीय संदिग्धों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली। पुलिस ने संदेह के घेरे में आए इन तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनका DNA सैंपल लिया। जब इस नए सैंपल का मिलान दो साल पहले सुरक्षित रखी गई DNA प्रोफाइल से कराया गया, तो लैब में तीनों आरोपियों का DNA शत-प्रतिशत मैच हो गया। वैज्ञानिक रूप से घिरने के बाद आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पकड़े गए आरोपियों का विवरण

• राजू मंडल उर्फ बंगाली (35 वर्ष): यह मूल रूप से दुर्ग का रहने वाला है और वर्तमान में खमतराई में रह रहा था। यह इस मर्डर का मुख्य आरोपी है, जिसने गला दबाया था। पुलिस के अनुसार, इस पर पहले से ही 2 चोरी और 1 अन्य हत्या का मामला दर्ज है।

• मनहरण सारंग (33 वर्ष): यह रावांभाठा, रायपुर का निवासी है जिसने हाथ पकड़े थे। इसके खिलाफ भी पहले से मारपीट और अवैध वसूली के मामले दर्ज हैं।

• राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31 वर्ष): यह नवागांव, मुंगेली का रहने वाला है जिसने पैर पकड़े थे।

खमतराई थाना पुलिस ने इन तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।

 

 

 

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