रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छूटे हुए, पहली बार और युवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) के साथ बैठक के बाद इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान, प्रगणना चरण में प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) मतदाताओं की एक सूची उनके नाम शामिल न होने के संभावित कारण के साथ तैयार की गई थी। यह सूची संबंधित पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकायों के नोटिस बोर्ड और बीडीओ (BDOs), पंचायत अधिकारियों, यूएलबी (ULB) अधिकारियों के कार्यालयों में प्रदर्शित की गई थी। इसे बीएलए (BLAs) तथा राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया था और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया था। इसके बाद, प्रारूप (ड्राफ्ट) का प्रकाशन किया गया और उसे राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया तथा सीईओ (CEO) की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया।
प्री-SIR और वर्तमान मतदाता सूची की होगी तुलना
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (EROs) द्वारा दावों और आपत्तियों पर निर्णय के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें प्रारूप प्रकाशन के बाद जोड़े गए या हटाए गए मतदाताओं की सूची शामिल है। प्री-एसआईआर (pre-SIR) मतदाता सूची की तुलना में, अंतिम प्रकाशन के बाद की मतदाता सूची में गणना चरण के दौरान हटाए गए नाम और प्रारूप सूची प्रकाशन के बाद के संवर्धन (जोड़े गए नाम) एवं विलोपन (हटाए गए नाम) शामिल हैं।
मतदाताओं का पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है और कोई भी व्यक्ति, जो अभी तक मतदाता सूची में नामांकित नहीं हुआ है या जिसका नाम हट गया है, वह किसी भी समय नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकता है।
इस विशेष अभियान का उद्देश्य ऐसे मतदाताओं की पहचान करना और उन्हें सुविधा प्रदान करना है।इस अभियान की प्रगति और नियमित समीक्षा की बारीकी से निगरानी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा की जाएगी।








