( विद्याभूषण वर्मा ) धरसींवा ।
- विधायक अनुज शर्मा ने दिया युवाओं को मानसिक संतुलन का मंत्र
धरसींवा। देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और संगीत का अनूठा समागम देखने को मिला। संस्थान की वेलनेस विंग ‘मित्र’ द्वारा आयोजित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम “मेलोडीज़ फॉर द माइंड” में धरसींवा विधायक और पद्मश्री अनुज शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। इस राष्ट्रीय मंच पर आमंत्रित होने वाले वे छत्तीसगढ़ के पहले व्यक्तित्व बन गए हैं।
तनाव मिटाने ‘म्यूजिक थेरेपी’ का दिया संदेश,,,
कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं को पार कर संस्थान पहुंचे मेधावी छात्रों को संबोधित करते हुए अनुज शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की प्राथमिकताओं पर गहराई से बात की। उन्होंने कहा कि करियर की यात्रा में अत्यधिक तनाव, दबाव और असफलता की भावना आना स्वाभाविक है, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में गलत रास्ता चुनने के बजाय सही मार्गदर्शन और मानसिक मजबूती अपनानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आर्थिक उपलब्धियां सफलता का असली पैमाना नहीं हैं, बल्कि अच्छा स्वास्थ्य, परिवार और मानसिक संतुलन ही वास्तविक समृद्धि है। उन्होंने संगीत को भारतीयों के जीवन में जन्म से मृत्यु तक की ‘लाइफ-थेरेपी’ करार दिया।
छत्तीसगढ़ी गीतों से तोड़ीं भाषाई सीमाएं
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पहलू तब सामने आया जब दक्षिण भारत के इस परिसर में गैर-छत्तीसगढ़ी और स्थानीय विद्यार्थियों के बीच लोक संस्कृति का जादू सिर चढ़कर बोला। छात्रों की विशेष फरमाइश पर अनुज शर्मा ने अपनी खनकती आवाज में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा प्रेक्षागृह तालियों से गूंज उठा। इस अद्भुत माहौल ने यह साबित किया कि संगीत और मानवीय भावनाओं के बीच भाषा कभी बाधा नहीं बनती। छत्तीसगढ़ी लोकगीतों के माध्यम से उन्होंने परिसर में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की वैश्विक भावना को जीवंत कर दिया।
कैंपस भ्रमण और छत्तीसगढ़ आने का न्योता
संवाद सत्र के दौरान छात्रों ने ‘फ्रस्ट्रेशन से बचाव’ और ‘संतुष्टि’ जैसे व्यावहारिक विषयों पर सवाल पूछे, जिनका विधायक शर्मा ने आत्मीयता से उत्तर दिया। इसके बाद उन्होंने संस्थान के 650 एकड़ में फैले रिसर्च सेंटर, हेरिटेज सेंटर और सी-पार्क का भ्रमण किया। प्रकृति और विज्ञान के इस सामंजस्य की सराहना करते हुए उन्होंने सभी शोधकर्ताओं को छत्तीसगढ़ आने, वहां की संस्कृति को समझने और राज्य के विकास में अपनी तकनीकी भागीदारी निभाने का निमंत्रण दिया।






