ब्रजेश पाण्डे, AG ख़बर दंतेवाड़ा
- फूड विभाग की बड़ी लापरवाही
- घरेलू सिलेंडर की हो रही कालाबाजारी
- नगर पालिका हाथ पे हाथ रखकर बैठी हुई है
दंतेवाड़ा- शहर के बाजार और फुटपाथ पर लगी *चाय-नाश्ते की दुकानों* में *14.5 किलो वाले घरेलू Indian सिलेंडर* का अवैध रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक चाय-नाश्ते की दुकान के टेबल के नीचे लाल रंग का घरेलू सिलेंडर रखा हुआ है और उसी पर चाय-नाश्ता बनाया जा रहा है।
ऐसी स्थिति जिले में कई जगहों पर देखने को मिल रही है।
*नियम क्या कहता है*
पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन के नियमों के अनुसार, व्यावसायिक उपयोग के लिए *19 किलो वाले कमर्शियल Indian सिलेंडर* का ही उपयोग किया जाना अनिवार्य है। घरेलू *14.5 किलो* सिलेंडर का उपयोग सिर्फ घरों में खाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडर का उपयोग करना गैरकानूनी है और इस पर भारी जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
*क्यों है खतरा*
1. *आग और विस्फोट का खतरा* – बाजार में भीड़भाड़ वाले इलाकों में खुली जगह पर सिलेंडर रखकर चाय-नाश्ता बनाना बेहद खतरनाक है। थोड़ी सी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है।
2. *सुरक्षा उपकरणों की कमी* – कमर्शियल सिलेंडर के साथ सुरक्षा संबंधी उपकरण और जांच अनिवार्य होती है, जो घरेलू सिलेंडर में नहीं होती।
3. *राजस्व का नुकसान* – कमर्शियल दर की जगह घरेलू दर पर गैस लेकर व्यापार करने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
*मांग*
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि खाद्य विभाग, गैस एजेंसियों और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाया जाए। जो भी चाय-नाश्ते की दुकानदार घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाएं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
साथ ही दुकानदारों को कमर्शियल कनेक्शन लेने के लिए जागरूक भी किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
*लापरवाही भारी पड़ सकती है*
विशेषज्ञों का कहना है कि एक छोटे से लीक से भी बड़ा विस्फोट हो सकता है। ऐसे में पालिका और दुकानदार दोनों को मिलकर सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है, ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।






