भक्ति के रंग में रंगा भाटापारा अंचलः देवी मंदिरों में प्रज्ज्वलित हुईं 6,900 से अधिक मनोकामना ज्योत

भाटापारा ,नवरात्र के पावन अवसर पर भाटापारा अंचल के प्रमुख देवी मंदिरों में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। संपूर्ण क्षेत्र माता रानी के जयकारों से गुंजायमान है। हजारों की संख्या में जगमगाती मनोकामना ज्योत श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और निष्ठा का जीवंत प्रतीक बनी हुई हैं। नवरात्र के इस पावन पर्व पर दर्शन-पूजन के लिए तड़के से ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है।

अंचल के प्रमुख देवी धामों में मनोकामना ज्योत प्रज्वलित करने को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। भाटापारा स्थित ऐतिहासिक बड़े शीतला माता मंदिर में भक्तों ने 1,041 मनोकामना ज्योत प्रज्वलित की हैं। वहीं, ग्राम सिंगारपुर के प्रसिद्ध मावली माता मंदिर में सबसे अधिक लगभग 4,500 ज्योत जगमगा रही हैं। इसके अलावा, ग्राम तरेंगा स्थित महामाया मंदिर में भी 1,392 मनोकामना दीपों की रोशनी से मंदिर प्रांगण आलोकित है।

सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना

धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना के चलते तीनों प्रमुख मंदिरों में चारों और उत्सवी माहौल बना हुआ है। जगमगाती ज्योत की अलौकिक आभा के बीच श्रद्धालु माता रानी का आशीर्वाद लेने पहुँच रहे हैं। भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के साथ-साथ परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की प्रार्थना कर रहे हैं।

सांस्कृतिक परंपरा का अनूठा प्रतीक

सनातन परंपरा में नवरात्र के दौरान मनोकामना ज्योत प्रज्वलित करने का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।

श्रद्धालु नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता की साधना में लीन हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से मां जगदंबा की कृपा अवश्य प्राप्त होती है। शीतला माता मंदिर, मावली माता मंदिर और महामाया मंदिर में प्रज्वलित ये हजारों ज्योत अंचल की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को दर्शा रही हैं।

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