भाटापारा,आदर्श रामलीला नाटक मंडली, भाटापारा के 107वें वर्ष के मंचन का शुभारंभ हुआ। पहले दिन गणेश पूजन हुआ। मुकुट पूजन हुआ। इसके बाद श्रवण प्रसंग पर आधारित नाटक शब्दभेदी और पुत्रधर्म का मंचन हुआ। नाटक का उद्देश्य माता-पिता की सेवा का संदेश देना रहा। बच्चों को पुत्रधर्म की शिक्षा देना रहा। श्रवण की भूमिका में हर्ष गुप्ता ने दमदार अभिनय किया।
अंधे माता-पिता की भूमिका में कोमल शर्मा और जगदीश वैष्णव ने मार्मिक अभिनय किया। दर्शकों की आंखें नम हुईं। दशरथ की भूमिका लव शर्मा ने निभाई। नारद की भूमिका आदित्य सोनी ने निभाई। केशरी सिंह की भूमिका आयुष तिवारी ने निभाई। अन्य किरदारों में धरमपाल सोनी, शुभ केशरवानी, नमन मल, आरव, रोशन, लक्की, वाशु, मुकुल, गब्बर ने भी अभिनय किया। दर्शक मंत्रमुग्ध रहे। शुभारंभ पूजन के मुख्य यजमान वरिष्ठ पत्रकार संतोष अग्रवाल रहे। संरक्षक ने आदर्श रामलीला नाटक मंडली के करकमलों से पूजन सम्पन्न कराया।
भगवान विष्णु की आरती में सर्व विप्र समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें अटल त्रिवेदी, शरद भृगु, सुनील दुबे, सत्यनारायण जोशी, संतोष पुरोहित, विजय शर्मा, परमेंद्र तिवारी, अशोक तिवारी, मनीष शुक्ला, नरेश चौबे, संजय सिंह ठाकुर, विकास सिंह ठाकुर, राजेश सिंह, पार्षद नंद किशोर वैष्णव उपस्थित रहे। सरयूपारीण ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सुनील दुबे ने रामलीला की प्रशंसा की। रामलीला संरक्षक सत्यनारायण जोशी ने भी शुभकामनाएं दीं। नरेश चौबे ने अभिभावकों से बच्चों को रामलीला में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का निवेदन किया। रामलीला के वरिष्ठ सदस्य बजरंग चौरसिया ने 107 सालों तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम करने वाले सभी लोगों का अभिनंदन किया। आभार जताया। कहा, पूर्वजों की मेहनत से ही मंचन इस मुकाम तक पहुंचा।






