एनपीएस-ओपीएस अभिलेखों के संधारण, अर्जित अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति और ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन पर बनी सहमति; शिक्षकविहीन स्कूलों में डीएमएफ से अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी तैयार होगा।
बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़। शिक्षा विभाग में शिक्षकों की लंबे समय से लंबित प्रशासनिक समस्याओं के निराकरण और विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से बिलाईगढ़ विकासखंड में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। ब्लॉक स्रोत केंद्र (बीआरसी) कार्यालय में हुई इस बैठक में शिक्षक साझा मंच और विकासखंड शिक्षा कार्यालय के प्रतिनिधियों ने शिक्षकों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति जताई।
बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण साहू सहित शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान सेवा पुस्तिका में त्रुटियों का सुधार, पेंशन संबंधी अभिलेखों का संधारण, ग्रीष्मकालीन जनगणना कार्य के बदले अर्जित अवकाश, अनुकंपा नियुक्ति, ऑनलाइन अवकाश व्यवस्था और शिक्षकविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने जैसे विषय प्रमुखता से उठाए गए।
दशहरा अवकाश के बाद बिलाईगढ़, भटगांव और सरसीवां में लगेंगे शिविर
शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में दर्ज त्रुटियों और विसंगतियों को दूर करने के लिए दशहरा अवकाश के बाद बिलाईगढ़, भटगांव और सरसीवां में अलग-अलग शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इन शिविरों में शिक्षक अपनी सेवा पुस्तिका का अवलोकन कर सकेंगे। अभिलेखों में किसी प्रकार की कमी या त्रुटि पाए जाने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों और संगठन के प्रतिनिधियों के समक्ष उसके निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को छोटी-छोटी प्रशासनिक समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना और उनके सेवा अभिलेखों को त्रुटिरहित बनाना है।
एनपीएस और ओपीएस के अभिलेखों के लिए अलग-अलग पासबुक
पेंशन संबंधी समस्याओं से बचने के लिए बैठक में संविलियन से पहले और बाद की राशि एवं प्रविष्टियों का व्यवस्थित हिसाब रखने पर जोर दिया गया। इसके लिए शिक्षकों को दो अलग-अलग पासबुक संधारित करने के लिए मार्गदर्शन और सहयोग देने पर सहमति बनी।
इस व्यवस्था से सेवानिवृत्ति के समय पेंशन प्रकरण तैयार करने में अभिलेखों से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जनगणना कार्य करने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश का लाभ
ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों के अर्जित अवकाश का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। ऐसे शिक्षकों के सेवा अभिलेखों में नियमानुसार अर्जित अवकाश दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी।
इससे संबंधित शिक्षकों को शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार मिलने वाले लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
अनुकंपा नियुक्ति और लंबित भुगतान के मामलों पर जोर
बैठक में दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने और सेवानिवृत्त शिक्षकों के लंबित भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संबंधित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
शिक्षक साझा मंच की ओर से इन मामलों की प्रगति पर नजर रखने और संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं को उठाने की बात कही गई, ताकि प्रभावित परिवारों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
ऑनलाइन अवकाश व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर सहमति
शिक्षकों के अवकाश को डिजिटल माध्यम से दर्ज करने और विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) ऐप में उपस्थिति संबंधी त्रुटियों को रोकने पर भी चर्चा हुई। अवकाश की प्रविष्टियां ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया, जिससे गलत अनुपस्थिति दर्ज होने और वेतन संबंधी विसंगतियों की समस्या कम हो सके।
इसके साथ ही उच्च शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने अथवा विभागीय प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए एनओसी और स्वीकृति संबंधी आवेदन विकासखंड मुख्यालय में स्वीकार करने की व्यवस्था को सरल बनाने पर सहमति बनी। इससे शिक्षकों को आवेदन जमा करने के लिए जिला मुख्यालय जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है।
शिक्षकविहीन स्कूलों में डीएमएफ से अस्थायी नियुक्तियों का प्रस्ताव
विकासखंड के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और एकल-शिक्षकीय व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई। इस समस्या के समाधान के लिए जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार करने पर चर्चा हुई।
इसके लिए शिक्षक साझा मंच द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्ताव रखने की पहल की जाएगी। प्रस्ताव में अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति और उनके मानदेय का भुगतान डीएमएफ मद से करने की मांग रखी जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करना और विद्यार्थियों की पढ़ाई को सुचारु बनाए रखना है।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी सत्यनारायण साहू, कामता प्रसाद साहू, यादराम हिरवानी, नरेंद्र कुमार साहू, मनीष कुमार डडसेना, बृजभान सिंह जगत, मनीराम यादव, बुधनी अजय, फदेंद्र सिंह नेताम, अरविंद कुमार चौधरी, मोतीलाल टंडन, दरस राम राजेत्री, स्नेहलता ठाकुर और पुरंदर सिंह दीक्षित सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण की दिशा में पहल
बैठक में लिए गए निर्णयों और प्रस्तावित कदमों से शिक्षकों की प्रशासनिक समस्याओं के निराकरण, सेवा अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, संबंधित शिविरों की तिथियों, प्रस्तावों के क्रियान्वयन और विभागीय आदेशों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही इन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।






