DNA रिपोर्ट से सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी, आरोपी गिरफ्तार

कपड़ों और डंडे पर मिले खून के नमूनों का मृतक के DNA प्रोफाइल से हुआ मिलान, पुरानी रंजिश में हत्या करने का आरोप

भाटापारा। भाटापारा ग्रामीण थाना और स्पेशल साइबर सेल की संयुक्त टीम ने ग्राम सिंगारपुर में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। राज्य फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला (SFSL) रायपुर से प्राप्त DNA जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या के आरोप में गांव के ही रामप्रसाद साहू (45) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कपड़ों और लकड़ी के डंडे पर मिले खून के नमूनों का मृतक के DNA प्रोफाइल से मिलान हुआ है। इसके बाद पूछताछ में आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है।

तालाब के पास मिला था लहूलुहान शव

पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर 2026 की रात ग्राम सिंगारपुर में बड़े तालाब के पास राजाराम साहू उर्फ चोंटी का लहूलुहान शव मिला था। अज्ञात आरोपी ने पत्थर और डंडे से हमला कर मृतक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में प्रार्थी सुखदेव साहू की रिपोर्ट पर भाटापारा ग्रामीण थाने में अपराध क्रमांक 556/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

पुरानी रंजिश के आधार पर शुरू हुई जांच

पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में भाटापारा ग्रामीण थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस को मृतक और ग्राम सिंगारपुर निवासी रामप्रसाद साहू के बीच पुरानी रंजिश और विवाद होने की जानकारी मिली। संदेह के आधार पर पुलिस ने 21 सितंबर को रामप्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि, शुरुआती पूछताछ में उसने घटना में अपनी संलिप्तता से इनकार कर दिया था।

इसके बाद पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। आरोपी के घटना के समय पहने गए कपड़ों और संदिग्ध लकड़ी के डंडे को जब्त कर परीक्षण के लिए SFSL रायपुर भेजा गया।

DNA रिपोर्ट से मिला अहम सुराग

पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को प्राप्त SFSL की DNA जांच रिपोर्ट में आरोपी के कपड़ों और डंडे पर मिले रक्त के नमूनों का मृतक राजाराम साहू के DNA प्रोफाइल से मिलान होने की पुष्टि हुई। इस रिपोर्ट को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया।

14 अक्टूबर को पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने DNA रिपोर्ट के आधार पर आरोपी से दोबारा पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के संबंध में पूछताछ के दौरान रामप्रसाद साहू ने पुरानी रंजिश के चलते पत्थर और डंडे से हमला कर राजाराम साहू की हत्या करना स्वीकार किया।

खून से सना डंडा और कपड़े जब्त

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही और मामले की जांच के दौरान घटना में प्रयुक्त बताए गए खून के धब्बों वाले लकड़ी के डंडे, आरोपी के कपड़े तथा घटनास्थल से जुटाए गए अन्य भौतिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है।

गिरफ्तार आरोपी रामप्रसाद साहू, पिता जगदीश साहू, उम्र 45 वर्ष, ग्राम सिंगारपुर का निवासी है। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर न्यायालय भेज दिया।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक हेमंत पटेल, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य, उपनिरीक्षक जगदेव साहू, सहायक उपनिरीक्षक नवीन शुक्ला, प्रधान आरक्षक नवीन कुर्रे तथा आरक्षक हरिश चंद्रवंशी, विजय ठाकुर, श्रीचंद्र ध्रुव, गौरी शंकर कश्यप, सीताराम ध्रुव और दुर्गेश साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में फॉरेंसिक जांच से मिले वैज्ञानिक साक्ष्य अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हुए।

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