छत्तीसगढ़ सियासत: भाजपा की सत्ता, भाजपा के मंत्री… लेकिन कांग्रेस विधायक के फार्म हाउस पर मेहरबानी!

  • विकास की गाड़ी किस खेत की ओर? कांग्रेस विधायक को मिले ‘करोड़’, भाजपा कार्यकर्ता देखते रह गए रास्ता!

कमल कुमार मेश्राम , राजनांदगांव/डोंगरगांव। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा नजारा चर्चा में है, जिसमें सत्ता भाजपा की, मंत्री भाजपा के, लेकिन मेजबानी कांग्रेस विधायक की! कृषि मंत्री रामविचार नेताम कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू के आलिवारा स्थित फार्म हाउस पहुंचे तो सियासी गलियारों में सवालों की फसल लहलहाने लगी। ऊपर से कृषि उपकरणों और पॉलीहाउस के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणा की चर्चा ने इस मुलाकात को और दिलचस्प बना दिया। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर विकास की गाड़ी किस खेत की ओर मुड़ गई और भाजपा के अपने कार्यकर्ता रास्ता ही देखते रह गए?


  • मंत्री जी खेत में, कार्यकर्ता इंतजार में!

प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री रामविचार नेताम डोंगरगढ़ में देवी दर्शन के बाद विधायक दलेश्वर साहू के फार्म हाउस पहुंचे। वहां कृषि अनुसंधान एवं ज्ञान प्रसार से जुड़े कार्यक्रम में भाग लिया, भोजन किया और फसलों का अवलोकन भी किया।

इधर चिखली क्षेत्र में भाजपा के जिला पंचायत सदस्य, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता टमाटर की फसल दिखाने तथा अपनी समस्याओं का आवेदन सौंपने के लिए इंतजार कर रहे थे। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री वहां नहीं पहुंचे।

अब इसे संयोग कहें या कार्यक्रमों के प्रबंधन का कमाल, सवाल तो उठेंगे ही! अपने कार्यकर्ता टमाटर की फसल लेकर तैयार बैठे रहे और मंत्री जी दूसरे खेत में विकास की संभावनाएं तलाशते नजर आए। राजनीति में टमाटर लाल हो या हरा, कार्यकर्ताओं की नाराजगी का रंग अलग ही दिखाई देता है!


  • एक करोड़ की घोषणा, हिसाब-किताब की प्रतीक्षा!

पॉलीहाउस और कृषि उपकरणों के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणा का उल्लेख सामने आया है। मगर यहां असली सवाल यह है कि यह राशि किस योजना के तहत है? क्या यह परियोजना की अनुमानित लागत है, प्रस्तावित सहायता है या विधिवत स्वीकृत अनुदान?

*क्योंकि घोषणा की खेती करना* आसान है, लेकिन स्वीकृति, पात्रता और वास्तविक लाभ का हिसाब देना जरूरी है। आखिर सरकारी योजनाओं का उद्देश्य किसानों को लाभ पहुंचाना है, न कि राजनीतिक चर्चाओं को खाद-पानी देना।


  • भाजपा संगठन को खबर नहीं, तो प्रोटोकॉल गया कहां?

रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने दौरे की जानकारी संगठन को नहीं मिलने और प्रोटोकॉल जारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने बड़ी राशि की घोषणा को लेकर भी सवाल उठाए।

अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जब मंत्री अपने ही संगठन के कार्यकर्ताओं से मिलने नहीं पहुंच पाए, तो संगठन के भीतर संवाद की फसल कैसी तैयार होगी? हालांकि मंत्री का आधिकारिक पक्ष सामने आए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।


  • सियासी दोस्ती या विकास की सामान्य प्रक्रिया?

कांग्रेस विधायक के फार्म हाउस पर मंत्री की मौजूदगी को लेकर चर्चाएं होना स्वाभाविक है, लेकिन केवल एक मुलाकात से राजनीतिक दोस्ती या किसी गुप्त समझौते का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। संभव है कि यह कृषि विकास से जुड़ा कार्यक्रम हो। इसकी वास्तविक तस्वीर आधिकारिक दस्तावेज और संबंधित नेताओं के बयान ही स्पष्ट करेंगे।


  • : मंत्री जी, किसानों के खेतों तक विकास पहुंचना अच्छी बात है, लेकिन चिखली में इंतजार कर रहे किसानों और कार्यकर्ताओं की समस्याओं का नंबर कब आएगा? और एक करोड़ की घोषणा का पूरा हिसाब जनता को कब मिलेगा?

  • सत्ता की राजनीति में खेत किसी का भी हो सकता है, लेकिन* सरकारी सहायता का हिसाब पूरे प्रदेश को मिलना चाहिए। आखिर जनता को फसल चाहिए, केवल सियासी चर्चाओं की हरियाली नहीं!

( क्या सत्ता परिवर्तन का खेल शुरूआत नजर आ रही है)

Hot Topics

Related Articles