मांदर की थाप पर निकली विसर्जन यात्रा, रामसागर तालाब में किया गया विसर्जन
अर्जुनी। शारदीय नवरात्र की नवमी पर ग्राम अर्जुनी के शक्तिपीठों में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ ज्योत-जवारा विसर्जन किया गया। नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना और पूजा-अर्चना के बाद नवमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ ज्योत-जवारा की विदाई की।

इस अवसर पर मांदर की थाप और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु बाना धारण कर माता की भक्ति में लीन नजर आए। माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

ग्राम के दुर्गा चौक, मावली चौक और महामाया शक्तिपीठ से ज्योति कलश की विसर्जन यात्रा निकाली गई। इस दौरान सांग धारण किए श्रद्धालुओं की अनूठी छवि देखने को मिली। श्रद्धालु बड़े-बड़े बाना धारण कर माता के प्रति अपनी अटूट आस्था और भक्ति प्रदर्शित करते नजर आए। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकली इस यात्रा में ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
विसर्जन यात्रा के पश्चात रामसागर तालाब में विधि-विधान के साथ ज्योत-जवारा का विसर्जन किया गया। नवरात्र पर्व के समापन पर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से ग्राम अर्जुनी सहित पूरे क्षेत्र के लोगों पर अपनी कृपा बनाए रखने और सभी के जीवन में सुख-समृद्धि लाने की प्रार्थना की।
पूरे आयोजन में आस्था, परंपरा और भक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। विसर्जन कार्यक्रम महामाया मंदिर के मुख्य पंडा मोतीलाल वर्मा तथा सहयोगी राधेश्याम वर्मा और तेजराम निषाद के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। आयोजन में महामाया मंदिर समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






