छत्तीसगढ़: उदयपुर क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले से 60 वर्षीय मोहन कुजूर की मौत, पैतृक गांव में पसरा मातम

सरगुजा।छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां उदयपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम महेशपुर में हाथी के हमले से गंभीर रूप से घायल हुए 60 वर्षीय बुजुर्ग मोहन कुजूर की इलाज के दौरान मौत हो गई है।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब मोहन कुजूर मुंगरी तालाब के पास गए हुए थे। अचानक वहां मौजूद एक जंगली हाथी ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह कुचल दिया। इस भीषण हमले में बुजुर्ग के सीने में गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं और उनका जबड़ा भी टूट गया था। घटना के तुरंत बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया था।

अंबिकापुर में भी स्थिति में सुधार न होने और हालत लगातार बिगड़ने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया। मेकाहारा अस्पताल के आईसीयू में डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि सोमवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मोहन कुजूर की मौत के बाद मंगलवार को उनके पैतृक गांव महेशपुर में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इस दुखद घटना के बाद से पूरे महेशपुर गांव और आसपास के इलाकों में मातम पसरा हुआ है, साथ ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उदयपुर वन परिक्षेत्र में लगभग 25 से 27 हाथियों का एक बड़ा दल लगातार सक्रिय है। हाथियों की इस लगातार मौजूदगी के कारण न केवल ग्रामीणों की जान पर खतरा बना हुआ है, बल्कि वे अपनी फसलों और घरों को लेकर भी बेहद चिंतित हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की है।

Hot Topics

Related Articles