सूरजपुर।छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 20 लाख रुपये के भारी-भरकम कर्ज को चुकाने के अंधी चाहत में एक शख्स ने अपनी ही पत्नी की सहकर्मी शिक्षिका और उनके मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। सूरजपुर जिला पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अंधे कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी परवेश उर्फ प्रवेश कुमार (36 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कबूल किया है कि उसने अपने मोटर-पार्ट्स के व्यवसाय के लिए बड़ा लोन लिया था, जिसकी किस्तें चुकाने के लिए उसे रुपयों की सख्त जरूरत थी। उसे भनक लगी थी कि सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका रजनी बरेठ (40 वर्ष) ने भी हाल ही में 19 लाख रुपये का लोन निकाला है, जिसे हड़पने के इरादे से उसने इस खौफनाक वारदात की योजना बनाई।
वारदात वाले दिन आरोपी चुपके से शिक्षिका रजनी बरेठ के किराए के मकान में दाखिल हुआ और उनसे रुपयों की मांग करने लगा। जब रजनी ने पैसे देने से साफ इंकार कर दिया, तो उनके बीच तीखी बहस और झूमाझटकी शुरू हो गई। खुद को घिरता देख रजनी ने बाथरूम की तरफ भागकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन पैसों के लालच में अंधे हो चुके आरोपी ने उन्हें बाथरूम में दबोच लिया। उसने पहले मृतका के सिर पर शैंपू की भारी बोतल से जोरदार वार कर उन्हें बेसुध किया और फिर गला घोंटकर उनकी जान ले ली। इस हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी को एहसास हुआ कि रजनी का 18 वर्षीय बेटा सुजल बरेठ, जो कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं का छात्र था, वह जानता था कि उसकी मां के साथ घर पर परवेश मौजूद है। सबूत मिटाने और खुद को बचाने के लिए आरोपी ने सुजल को भी रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
आरोपी करीब तीन घंटे तक तिराहे पर सुजल बरेठ के ट्यूशन से लौटने का इंतजार करता रहा। जैसे ही रात को सुजल वहां पहुंचा, आरोपी ने उसे झांसा दिया कि उसकी मां उसके घर पर है और उसे अपनी कार में बैठा लिया। सुजल को गुमराह करने के लिए आरोपी उसे घुमाते हुए अंबिकापुर ले गया और वहां उसे मैगी भी खिलाई। इसके बाद देर रात वापस लौटते समय राईं जंगल के पास आरोपी ने बाथरूम जाने के बहाने कार रुकवाई और सुनसान जगह का फायदा उठाकर सुजल पर हमला कर दिया। जब सुजल अपनी जान बचाने के लिए भागने लगा, तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के भारी टुकड़े से उसके सिर और सीने पर ताबड़तोड़ वार कर उसका सिर फोड़ दिया और उसकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद उसने सुजल के शव को हाईवे के पास ग्रामीण सड़क किनारे गड्ढे में फेंक दिया और मृतका की कार, मोबाइल व आभूषण लेकर फरार हो गया।
अगले दिन सुबह जब ग्रामीणों ने हाईवे किनारे सुजल बरेठ का लहूलुहान शव देखा, तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस जब सुजल की शिनाख्त कर उसके बिश्रामपुर के केशवनगर स्थित घर पहुंची, तो वहां मुख्य दरवाजे पर ताला लटका मिला। अनहोनी की आशंका होने पर पुलिस ने रिश्तेदारों की मौजूदगी में ताला तोड़ा, जिसके बाद बाथरूम के अंदर मां रजनी बरेठ का भी शव बरामद हुआ। एक ही परिवार के दो सदस्यों के शव अलग-अलग जगहों पर मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्य जुटाए और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए, जिसमें आरोपी की संदिग्ध आवाजाही दिखाई दी। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कार, मृतका के सोने-चांदी के जेवरात और मोबाइल फोन बरामद कर उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।






