कोरबा में तीन दिन से लापता मासूम की बलात्कार के बाद हत्या, आरोपी जंगलों से गिरफ्तार; आक्रोशित ग्रामीणों ने किया पुलिस चौकी का घेराव

  • सनसनीखेज गुमशुदगी और शव की बरामदगी

कोरबा।छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पिछले तीन दिनों से लापता सात साल की एक मासूम बच्ची का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पीड़ित परिवार मूल रूप से सक्ती जिले का रहने वाला है, जो करीब चार महीने पहले रोजगार की तलाश में कोरबा के रजगामार क्षेत्र में आया था और यहां एक पोल्ट्री फार्म में मजदूरी कर रहा था। बीते 19 अक्टूबर को दोपहर के वक्त बच्ची अपने घर के पास स्थित एक राशन दुकान से सामान लेने के लिए निकली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की और अंततः पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। तीन दिनों तक चले व्यापक सर्च ऑपरेशन के बाद, गुरुवार को बच्ची का अर्धनग्न शव पोल्ट्री फार्म के ठीक पीछे झाड़ियों में बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।

दरिंदगी और हत्या की पुलिसिया पुष्टि

शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संकेतों से यह साफ हो गया कि बच्ची के साथ बेहद अमानवीय कृत्य किया गया था। पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि आरोपी ने बच्ची को अकेला पाकर पहले उसके साथ बलात्कार जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद, जब उसे लगा कि उसकी पहचान उजागर हो सकती है और वह पकड़ा जा सकता है, तो उसने पकड़े जाने के डर से मासूम की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपाकर फरार हो गया।

खोजी कुत्ते की मदद से आरोपी की गिरफ्तारी

इस जघन्य हत्याकांड को सुलझाने में पुलिस के खोजी कुत्ते (डॉग स्क्वायड) ने बेहद अहम भूमिका निभाई। खोजी कुत्ते ने घटनास्थल से सीधे आरोपी के घर तक का रास्ता ढूंढ निकाला, जिससे पुलिस को मुख्य संदिग्ध का सुराग मिला। आरोपी की पहचान बानगो थाना क्षेत्र के देवमती पारा निवासी 42 वर्षीय अजय उर्फ अमित चौहान के रूप में हुई है, जो शव मिलने के बाद से ही पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस की कई टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और घेराबंदी करते हुए बानगो के घने जंगलों से आरोपी को धर दबोचा। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

ग्रामीणों का भारी आक्रोश और पुलिस चौकी का घेराव

मासूम बच्ची के साथ हुई इस हैवानियत की खबर जैसे ही रजगामार और बालको इलाके में फैली, स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। क्षेत्र में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई और शुक्रवार को बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं तथा ग्रामीणों ने एकजुट होकर रजगामार पुलिस चौकी का घेराव कर दिया। उग्र प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि इस घिनौने अपराध के दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देते हुए जल्द से जल्द फांसी के फंदे पर लटकाया जाए। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले में त्वरित तथा सख्त कानूनी कार्रवाई का पूरा भरोसा दिया है।

Hot Topics

Related Articles