लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को उनकी बहन रश्मि दुबे के साथ जिला जेल भेज दिया गया है। अदालत द्वारा 10 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने के बाद गुरुवार देर शाम दोनों बहनों को जेल में दाखिल कराया गया। जेल में पहुंचते ही कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं और महिला वार्ड के मुलाहिजा (क्वारंटीन) बैरक में उन्हें शिफ्ट कर दिया गया। आम दुनिया की चकाचौंध से निकलकर सलाखों के पीछे पहुंची श्रद्धा दुबे की पहली रात काफी तनाव में गुजरी और उन्होंने रात में सिर्फ पानी पीकर वक्त काटा।
जेल प्रशासन द्वारा नए बंदियों को मुलाहिजा बैरक में रखने के पीछे कई महत्वपूर्ण नियम और सुरक्षा कारण होते हैं। नियमानुसार, जब भी कोई नया कैदी जेल आता है, तो उसे सीधे सामान्य कैदियों के साथ नहीं रखा जाता बल्कि करीब 10 दिनों के लिए मुलाहिजा बैरक में रखा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नए बंदियों को जेल के माहौल, नियमों और अनुशासन से परिचित कराना होता है। इस अवधि के दौरान जेल अधिकारियों द्वारा उनकी सेहत, मानसिक स्थिति और व्यवहार की बारीकी से निगरानी की जाती है। इसके अलावा सुरक्षा के लिहाज से यह भी जांचा जाता है कि जेल में पहले से बंद कैदियों में से कोई उनका दुश्मन तो नहीं है, जिससे किसी भी प्रकार के टकराव या विवाद को रोका जा सके।
ग्लैमर की दुनिया से अचानक जेल की सलाखों के पीछे पहुंची श्रद्धा दुबे और उनकी बहन के लिए जेल का माहौल बिल्कुल अलग था। जेल सूत्रों के मुताबिक, जेल में दाखिल होने के बाद पहली रात दोनों बहनें काफी परेशान और गुमसुम दिखीं। रात के समय जब उन्हें भोजन दिया गया, तो उन्होंने खाना खाने से पूरी तरह इनकार कर दिया और सिर्फ पानी पीकर रात बिताई। हालांकि, अगली सुबह यानी शुक्रवार को उन्होंने जेल के नियमों के अनुसार नाश्ते में दिया गया दलिया स्वीकार किया और उसे खाया। फिलहाल दोनों बहनों को सुरक्षा कारणों से अन्य महिला कैदियों से अलग विशेष निगरानी में रखा गया है।






