रायपुर।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर दिए गए कथित अपमानजनक बयान के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारी गर्माहट आ गई है। बिहार की राजधानी पटना में दिए गए इस बयान की गूंज अब देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी साफ तौर पर देखी जा रही है। इस कथित टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है और राज्य स्तर पर कांग्रेस के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
राजधानी रायपुर में बीजेपी युवा मोर्चा का उग्र प्रदर्शन और पुतला दहन
इस विवादित बयान के विरोध में सोमवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक आजाद चौक पर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में एकत्र होकर उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राजनीतिक मर्यादाओं को लांघने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मल्लिकार्जुन खरगे का पुतला फूंका और कांग्रेस नेतृत्व से इस अमर्यादित भाषा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
पटना के सार्वजनिक मंच से शुरू हुआ था पूरा विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंच पर संबोधित कर रहे थे, तभी वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें बीच में ही टोक दिया। उस व्यक्ति ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे और देश के शीर्ष पद पर बने रहेंगे। इस हस्तक्षेप से असहज होकर कांग्रेस अध्यक्ष ने पलटवार किया और कथित तौर पर प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को घसीटते हुए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर दिया, जिसके बाद से ही यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।







