रायपुर । छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी के दो दिवसीय रायपुर दौरे का आज दूसरा दिन है। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने संगठनात्मक मजबूती को लेकर बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में स्मृति ईरानी ने पार्टी के सभी विधायकों को एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्देश दिया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने सभी विधायकों को आगामी दिवाली के त्योहार के अवसर पर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में रहने और वहां की स्थानीय जनता व जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर भोजन करने को कहा है।
दिवाली के पावन पर्व पर जनता के बीच पहुंचेंगे विधायक
बैठक के भीतर से आ रही खबरों के अनुसार, स्मृति ईरानी ने पार्टी के जन प्रतिनिधियों को साफ निर्देश दिया है कि वे दिवाली के मौके पर अपने क्षेत्रों में सामूहिक भोज का बड़ा आयोजन करें। इस विशेष आयोजन के जरिए पार्टी का लक्ष्य सीधे तौर पर आम नागरिकों और सबसे निचले पायदान पर काम करने वाले बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाना है। विधायकों को निर्देशित किया गया है कि वे खुद इस दौरान मौजूद रहें और जनता के साथ बैठकर भोजन करें, जिससे त्योहार की खुशियों के बीच सरकार और जनता का जुड़ाव और अधिक मजबूत हो सके।
मिशन 2028 और संगठन को मजबूत करने की बड़ी कवायद
छत्तीसगढ़ बीजेपी की कमान संभालने के बाद स्मृति ईरानी का यह पहला रायपुर दौरा है। इस दो दिवसीय प्रवास के दौरान उन्होंने केवल विधायकों ही नहीं, बल्कि राज्य के मंत्रियों, सांसदों और निगम-मंडल के अध्यक्षों व प्रतिनिधियों के साथ भी सिलसिलेवार मैराथन बैठकें की हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्य की विष्णुदेव साय सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे जमीनी स्तर तक पहुंचाना और संगठन के भीतर के असंतोष या कमियों को दूर करना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्मृति ईरानी का यह कड़ा और सक्रिय रुख आगामी विधानसभा चुनाव यानी मिशन 2028 के लिए अभी से एक मजबूत और अभेद्य किला तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है।







