बस्तर।छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से प्रकृति का एक बेहद हैरान और रोमांचित करने वाला नजारा सामने आया है। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर के चलते बस्तर के आसमान में अचानक गहरे लाल और सिंदूरी रंग के बादल छा गए। आंधी-तूफान और मौसम में आए इस बड़े बदलाव के बीच आसमान का यह रंग पूरी तरह बदल गया, जिसे देखकर स्थानीय लोग भी हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर इस अद्भुत और मनमोहक नजारे की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
चक्रवात अर्नब का असर और बस्तर संभाग में भारी अलर्ट
इस अद्भुत नजारे के साथ ही क्षेत्र में चक्रवाती तूफान का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों, विशेषकर बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस चक्रवात के प्रभाव से क्षेत्र में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और विनाशकारी हवाएं चलने की आशंका है।
चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के मद्देनजर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर जैसे संवेदनशील जिलों में 28 अक्टूबर को स्कूलों और आंगनबाड़ियों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत शिविर तैयार किए हैं और प्रभावित होने वाले इलाकों में बचाव दलों को तैनात किया है ताकि शून्य जनहानि का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
क्यों लाल हो गया बस्तर का आसमान, जानिए इसके पीछे का विज्ञान
चक्रवाती तूफान के दौरान आसमान और बादलों का इस तरह गहरा लाल या नारंगी दिखाई देना पूरी तरह से एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘रैले स्कैटरिंग’ (Rayleigh Scattering) कहा जाता है। तूफान की वजह से वायुमंडल में पानी की बूंदों, नमी और घने बादलों की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में जब सूर्य की किरणें इन घने बादलों और नमी से होकर गुजरती हैं, तो कम तरंगदैर्ध्य (wavelength) वाली नीली और हरी रोशनी हवा में ही बिखर जाती है, जबकि अधिक तरंगदैर्ध्य वाली लाल और नारंगी रोशनी बिना बिखरे सीधे धरती तक पहुंचती है। यही कारण है कि चक्रवात के बीच पूरा आसमान और बादल गहरे लाल रंग के खूबसूरत और जादुई रूप में नजर आने लगते हैं।
प्रशासन की अपील और सुरक्षा सावधानी
प्रशासन ने बस्तर के नागरिकों से अपील की है कि वे आसमान के इस अद्भुत नजारे का आनंद लेते समय अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। भारी आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को बिजली के खंभों, कच्चे मकानों और बड़े पेड़ों से दूर रहने तथा मौसम खराब होने पर अपने घरों के भीतर ही सुरक्षित रहने की सख्त हिदायत दी गई है।







