छत्तीसगढ़ के 164 नर्सिंग कॉलेजों में होना है दाखिला, 149 को मिली मान्यता, 15 कॉलेजों की प्रक्रिया अब भी लंबित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया में देरी के कारण विद्यार्थियों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। प्रवेश के लिए निर्धारित दो समय-सीमाएं निकल चुकी हैं, लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग अब तक काउंसलिंग शुरू नहीं करा पाया है। अब विभाग ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) को पत्र लिखकर प्रवेश की अंतिम तारीख 15 दिसंबर तक बढ़ाने की मांग की है।
प्रदेश के 164 नर्सिंग कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश होना है। इनमें से 149 कॉलेजों को मान्यता मिल चुकी है, जबकि 15 कॉलेजों की मान्यता की प्रक्रिया अभी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, शेष कॉलेजों को भी इसी सप्ताह मान्यता मिलने की उम्मीद है।
सभी कॉलेजों की मान्यता के बाद जारी होगा काउंसलिंग शेड्यूल

सभी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता मिलने के बाद ही आयुष विश्वविद्यालय प्रवेश के लिए काउंसलिंग शेड्यूल जारी करेगा। ऐसे में मान्यता की प्रक्रिया पूरी होने में देरी का असर प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ रहा है। विद्यार्थियों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि काउंसलिंग कब शुरू होगी और उन्हें दाखिले के लिए कितना इंतजार करना पड़ेगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। अब इंडियन नर्सिंग काउंसिल की ओर से समय-सीमा बढ़ाने के संबंध में निर्णय लिया जाना है।
ऑनलाइन प्रक्रिया से मान्यता में हुई देरी
इस वर्ष छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (सीजीएनआरसी) ने नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। नई व्यवस्था के तहत कॉलेजों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद काउंसिल की टीम संबंधित कॉलेज का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी पोर्टल पर अपलोड करती है।
बताया गया कि ऑनलाइन व्यवस्था की शुरुआत में कई कॉलेजों को आवेदन करने में देरी हुई। इसके कारण मान्यता जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई और सभी कॉलेजों को निर्धारित समय पर मान्यता नहीं मिल सकी।
इस साल खुले 12 नए नर्सिंग कॉलेज
प्रदेश में इस शैक्षणिक सत्र में 12 नए नर्सिंग कॉलेज शुरू हुए हैं। इनमें नौ सरकारी और तीन निजी कॉलेज शामिल हैं। नियमानुसार, प्रत्येक नर्सिंग कॉलेज को हर शैक्षणिक सत्र के लिए मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य है।
नए कॉलेजों के शुरू होने से नर्सिंग की पढ़ाई के अवसर बढ़े हैं, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण विद्यार्थियों को अभी काउंसलिंग शुरू होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
स्वीकृत सीटों के अनुसार ही देना होगा प्रवेश
नर्सिंग कॉलेजों को इंडियन नर्सिंग काउंसिल से स्वीकृत सीटों के अनुसार ही विद्यार्थियों को प्रवेश देना होगा। निर्धारित संख्या से अधिक दाखिला देने पर संबंधित कॉलेज जिम्मेदार होंगे।
कॉलेजों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, संसाधनों और क्षमता के आधार पर सीटों की मंजूरी दी जाती है। विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी स्वीकृत सीटों की संख्या के अनुरूप ही मिलेगी।
फिलहाल प्रवेश प्रक्रिया की अगली तारीख पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि 15 दिसंबर तक की समय-सीमा बढ़ाने की मांग स्वीकार होती है, तो विभाग और विश्वविद्यालय को काउंसलिंग तथा प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।







