ट्रेनों में कथित मारपीट और धमकी की घटनाओं पर रेलवे प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग
भाटापारा। भारतीय रेलवे में जनरल और स्लीपर कोच से यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है। ट्रेनों में कुछ किन्नर समूहों के सदस्यों द्वारा यात्रियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार, जबरन पैसे मांगने, धमकी देने और मारपीट किए जाने की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसी घटनाओं से आम यात्रियों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में सफर के दौरान कुछ लोग पैसे देने के लिए दबाव बनाते हैं। मना करने पर कथित तौर पर अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट तक की नौबत आ जाती है। विशेषकर परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों, महिलाओं, बुजुर्गों और अकेले सफर करने वाले लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां परेशानी का कारण बन सकती हैं।
इस तरह की शिकायतों के बीच रेलवे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में नियमित निगरानी बढ़ाने के साथ ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
रेलवे में सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा प्रत्येक यात्री का अधिकार है। किसी भी व्यक्ति को यात्रियों पर जबरन पैसे देने का दबाव बनाने, धमकी देने या मारपीट करने का अधिकार नहीं है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रेनों में यात्रियों के साथ कथित जबरन वसूली और दुर्व्यवहार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए रेलवे प्रशासन क्या कदम उठाएगा? आम यात्रियों को भयमुक्त और सम्मानजनक यात्रा का भरोसा कब मिलेगा?







