- रायपुर जिला प्रशासन का सख्त रुख और कारण बताओ नोटिस
रायपुर।छत्तीसगढ़ में 13 अक्टूबर से जारी पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रायपुर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। हड़ताल के कारण सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर अभनपुर तहसील प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 28 हड़ताली पटवारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है। इस नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि शासकीय कार्य बाधित करने और जनता को संकट में डालने के लिए क्यों न उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने इन सभी पटवारियों से दो दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद आगामी दंडात्मक कार्रवाई तय की जाएगी।
राज्योत्सव के कारण बदला धरना स्थल, हनुमान मंदिर के पास आंदोलन जारी
दूसरी तरफ, राजधानी रायपुर के तूता मैदान में चल रहे धरने को राज्योत्सव की तैयारियों के चलते जिला प्रशासन द्वारा वहां से हटा दिया गया था। प्रशासन को आयोजन की व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर तूता मैदान को खाली कराना पड़ा। इसके बावजूद पटवारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं और उन्होंने आंदोलन को समाप्त करने के बजाय उसका स्थान बदल दिया है। अब सभी आंदोलनकारी पटवारी भाठागांव क्षेत्र में हनुमान मंदिर के पास एकत्रित हो गए हैं और वहां उनका धरना लगातार जारी है।
मांगों पर अड़े पटवारी, थम नहीं रहा गतिरोध
धरना स्थल में बदलाव और प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने के बाद भी पटवारी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। पटवारियों के इस अड़ियल रुख और प्रशासन की सख्ती के कारण फिलहाल यह गतिरोध थमता नजर नहीं आ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में आम जनता की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।







