बलौदाबाजार। अवैध शराब बिक्री की पुलिस को मुखबिरी करने के शक में उपसरपंच पर चाकू और स्टील की रॉड से जानलेवा हमला करने वाले पति-पत्नी को अदालत ने दोषी करार दिया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संजया रात्रे की अदालत ने मुख्य आरोपी भागवत बंजारे को 7 साल के कठोर कारावास और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, उसकी पत्नी सोनिया बंजारे को जेल में बिताई गई 2 महीने 11 दिन की अवधि की सजा और 1 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया है। मामला पलारी थाना क्षेत्र का है।
मुखबिरी के शक में किया हमला
अभियोजन के अनुसार, घटना 7 जनवरी 2026 की रात करीब 8:15 बजे की है। भागवत बंजारे और उसकी पत्नी सोनिया बंजारे को शक था कि उपसरपंच भावसिंग जांगड़े अवैध शराब की बिक्री की जानकारी पुलिस को देते हैं। इसी बात को लेकर दोनों उनके घर पहुंचे। उस समय उपसरपंच घर पर मौजूद नहीं थे। आरोपियों ने वहां गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
कुछ देर बाद जब भावसिंग जांगड़े घर पहुंचे, तो दोनों आरोपियों ने उन पर चाकू और स्टील की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में उपसरपंच के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं।
पुलिस ने जब्त किए हमले में इस्तेमाल हथियार
घटना की शिकायत मिलने पर पलारी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा तैयार किया और गवाहों के बयान दर्ज किए। आरोपियों की निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल चाकू और स्टील की रॉड जब्त की गई। जब्त हथियारों को जांच के लिए एफएसएल रायपुर भेजा गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया।
अदालत ने सुनाई अलग-अलग सजा
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस की पैरवी के आधार पर मुख्य आरोपी भागवत बंजारे को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 117(2) के तहत 7 साल के कठोर कारावास और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं, उसकी पत्नी सोनिया बंजारे को भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) के तहत जेल में पहले से बिताई गई 2 महीने 11 दिन की अवधि को सजा मानते हुए 1 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया।









