डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।नगर पंचायत की ओर से नगर पालिका बनाए जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हाल ही में हुई सामान्य सभा की बैठक में नगर पालिका बनाए जाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। अब यह प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है। इसका सीधा लाभ शहर के विकास कार्य में देखने को मिलेगा।
यह होगा लाभ
नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद डोंगरगांव को मिलने वाली विकास निधि दोगुनी हो सकती है। अभी नगर पंचायत को वित्तीय वर्ष में लगभग 1.5 करोड़ रुपये की राशि मिलती है, जो नगर पालिका बनने पर 3 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इससे शहर में विकास कार्यों की गति तेज होगी।
संख्या और सुविधाओं में होगी वृद्धि
वर्तमान में डोंगरगांव नगर पंचायत में पार्षदों की संख्या 15 है, जो नगर पालिका बनने पर 18 से 20 तक हो सकती है। साथ ही, पार्षदों के मानदेय में भी वृद्धि की होगी। इसके अतिरिक्त, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए दो कॉन्वेंट सेंटर बनने का भी प्रस्ताव है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था और बेहतर होगी।
क्राइटेरिया में फिट बैठता है डोंगरगांव
नगर पालिका बनने के लिए राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार, न्यूनतम 20,000 की जनसंख्या और 75% ऐसे लोग जो कृषि छोड़ अन्य व्यवसाय करते हों। इन मानकों में डोंगरगांव खरा उतरता है।
पक्ष और विपक्ष एक साथ
इस प्रस्ताव पर खास बात यह रही कि इसे लेकर कोई राजनीतिक विरोध नहीं हुआ। पक्ष-विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर एकमत दिखे, जिससे स्पष्ट होता है कि नगर के सर्वांगीण विकास के लिए सभी दल एकजुट हैं
प्रदेश में निकाय की संख्या
नगर निगम 10
नगर पालिका परिषद 49
नगर पंचायत 114
जिम्मेदारों का कहना
सभी तरह के दस्तावेजों को पूर्ण कर महीने भर में प्रपोजल बना कर राज्य सरकार को भेज दिया जाएगा।
विनम्र जेमा
सीएमओ नगर पंचायत डोंगरगांव





