Tuesday, February 24, 2026
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    छत्तीसगढ़ के स्कूलों में कसावट लाने अब शिक्षकों व छात्रों की मोबाइल ऐप से लगेगी हाजिरी….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा और तकनीकी बदलाव होने जा रहा है, जो शिक्षकों और स्कूल प्रशासन के कामकाज को पूरी तरह से बदल सकता है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने ‘VSK अटेंडेंस ऐप’ नामक एक नया स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। यह मोबाइल एप्लिकेशन जल्द ही राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।

    यह ऐप न केवल हाजिरी लगाने का माध्यम बनेगा, बल्कि इसके जरिए शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों की अटेंडेंस, छुट्टियों की मंजूरी और कक्षा संचालन जैसी तमाम जानकारियां अब एक क्लिक में उपलब्ध होंगी।

    विद्या समीक्षा केंद्र की पहल

    इस तकनीकी पहल को छत्तीसगढ़ के विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) द्वारा विकसित किया गया है, जिसे पहले “कमांड एंड कंट्रोल सेंटर फॉर स्कूल्स” के नाम से जाना जाता था। अब इस केंद्र को आधुनिक टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस कर दिया गया है, ताकि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके।

    शिक्षकों के लिए क्या बदलेगा?

    • शिक्षक अब अपनी हाजिरी मोबाइल ऐप के माध्यम से लगाएंगे, जो GPS लोकेशन के आधार पर ही मान्य होगी।
    • अटेंडेंस तभी दर्ज होगी जब शिक्षक स्कूल परिसर के 100 मीटर दायरे में मौजूद होंगे।
    • शिक्षकों को हर दिन छात्रों की अटेंडेंस भी ऐप के ज़रिए ही दर्ज करनी होगी।

    छुट्टी या ऑन-ड्यूटी के लिए भी आवेदन इसी ऐप से किया जाएगा, जिसे प्रिंसिपल रियल टाइम में देख सकेंगे।

    प्रिंसिपल को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी और ताकत

    • प्रिंसिपल इस ऐप से पूरे स्कूल स्टाफ की उपस्थिति, छुट्टियों की स्थिति और कक्षा संचालन पर नज़र रख सकेंगे।
    • वे आवश्यक होने पर नोटिस, अलर्ट और रिपोर्ट भी इसी प्लेटफॉर्म से जारी कर सकेंगे।
    • इससे न सिर्फ शिक्षकों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि छात्रों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई पर भी बेहतर नियंत्रण हो पाएगा।

    क्या कहता है विभाग?

    स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से स्कूलों में उपस्थिति संबंधित हेराफेरी, देर से आने और छुट्टी के गलत उपयोग जैसी समस्याओं पर अंकुश लगेगा। साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी, जिससे नीतिगत निर्णय लेना भी आसान होगा।

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