रायपुर। राजधानी रायपुर में चर्चित तोमर बंधु सूदखोरी मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पुलिस ने इस बहुचर्चित प्रकरण में बड़ी कार्रवाई करते हुए अदालत में 2222 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। इसमें पांच आरोपियों को अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस ने चार्जशीट में मुख्य आरोपी तोमर बंधुओं को फरार घोषित किया है, जबकि उनकी पत्नियों को भी मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। यह मामला रायपुर के आपराधिक जगत का सबसे बड़ा सूदखोरी कांड माना जा रहा है। चार्जशीट में पुलिस का बड़ा दावा पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में साफ उल्लेख है कि तोमर बंधु लंबे समय से सूदखोरी के धंधे में सक्रिय थे। वे ब्याज पर अवैध रूप से रकम देकर गरीब और जरूरतमंदों का आर्थिक शोषण करते थे। इस प्रक्रिया में उनकी पत्नियां भी बराबर की भागीदार रहीं। चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपी न केवल सूदखोरी बल्कि कई अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी लिप्त थे। चार्जशीट में दर्ज बयान और सबूत यह साबित करते हैं कि दोनों भाई और उनके परिवारजन ने अवैध कमाई से कई संपत्तियां अर्जित कीं। यही कारण है कि पुलिस ने उनकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्यवाही भी शुरू कर दी है। कोर्ट ने कुर्की की मंजूरी दी सूचना के अनुसार, अदालत ने पुलिस द्वारा दाखिल संपत्ति कुर्की याचिका को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद रायपुर कलेक्टर को चार संपत्तियों की कुर्की के लिए प्रतिवेदन भेजा गया है। माना जा रहा है कि प्रशासन जल्द ही इन संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। यह कदम तोमर बंधुओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है। फरार चल रहे आरोपी तोमर बंधु पिछले दो महीने से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। लगातार दबिश के बावजूद पुलिस अभी तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों भाई गिरफ्तारी से बचने के लिए राज्य से बाहर छिपे हो सकते हैं।





