नगर पंचायत और राजस्व विभाग की उदासीनता का नतीजा
डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।शहर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, खरीद-फरोख्त और वसूली का खेल इतना बेलगाम हो गया है कि अब मामला चाकूबाजी तक पहुंच गया है। पुराने अस्पताल और रेस्ट हाउस के सामने हुई घटना ने नगर पंचायत की लापरवाही और कब्जाधारियों के हौसले की पोल खोल दी है।
दरअसल, पुराने अस्पताल के सामने शेख इस्माइल कपड़े की दुकान वर्षों से लगाते आ रहे हैं। ठीक सामने मोहम्मद महताब आलम ने भी कपड़े की दुकान शुरू की। बताया जा रहा है कि कब्जाधारी मोहम्मद आलम से प्रतिदिन 200 रुपए किराया वसूल रहे थे। यही नहीं—शेख इस्माइल की दुकान से लगी खाली सरकारी जगह का सौदा किसी अन्य ने आलम को 25 हजार रुपए में कर दिया, जिस पर वह दुकान लगाने लगे।
यहीं से व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और तनाव शुरू हुआ। दोनों व्यापारियों में कहा-सुनी हुई और मामला इतना बढ़ गया कि चाकूबाजी की नौबत आ गई। मोहम्मद आलम का कहना है कि शेख इस्माइल ने खुद से ब्लेड से हाथ काटा, जबकि शेख इस्माइल आरोप लगा रहे हैं कि आलम ने चाकू से हमला किया।
यह विवाद साफ करता है कि डोंगरगांव में सरकारी जमीन न केवल कब्जे में है, बल्कि खुलेआम वसूली और सौदेबाजी का धंधा भी चल रहा है।
सरकारी जगह पर कब्जाधारी ही वसूल रहे ₹200 प्रतिदिन
सामने की सरकारी जगह का सौदा हुआ ₹25,000 में
दुकान लगाने की प्रतिस्पर्धा से मामला पहुंचा चाकूबाजी तक
“इस विषय में जानकारी नहीं है, पता कर कार्यवाही की जाएगी।”
विनम्र जेमा, सीएमओ, नगर पंचायत डोंगरगांव
“मामले की जांच की जा रही है, दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।”
-जितेंद्र वर्मा, थाना प्रभारी, डोंगरगांव





