राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र सिलतरा में आज दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन प्लांट में सिल्ली (कंक्रीट संरचना) गिरने से छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना में आधा दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मजदूरों के बीच दहशत का माहौल बन गया। प्रशासन और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसा कैसे हुआ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब पिलेट्स बनाने वाली यूनिट में तेजी से काम चल रहा था। अचानक निर्माणाधीन सिल्ली भरभराकर गिर गई और उसके नीचे काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। उस समय दर्जनभर से अधिक मजदूर मौके पर मौजूद थे। घटना इतनी अचानक हुई कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा इलाका चीख-पुकार से गूंज उठा। मौत और घायल सूत्रों के मुताबिक, इस हादसे में छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, आधा दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को देवेंद्र नगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए श्री नारायणा अस्पताल लाया गया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक मजदूरों के परिजनों में कोहराम मच गया। रेस्क्यू अभियान हादसे के बाद मलबे में दबे अन्य मजदूरों को निकालने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान चलाया। जेसीबी और क्रेन जैसी भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाया गया। राहत कार्य में स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन का साथ दिया। घंटों की मशक्कत के बाद कई मजदूरों को बाहर निकाला गया। लेकिन कुछ मजदूरों की मौत मलबे के नीचे दबने से हो चुकी थी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्थानीय मजदूरों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि प्लांट में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। मजदूरों ने पहले भी सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन ठेकेदार और बिल्डर ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मजदूरों ने बताया कि कई बार बिना सेफ्टी गार्ड और उचित प्रोटेक्शन के ही काम कराया जा रहा था। यही लापरवाही आज छह मजदूरों की मौत का कारण बन गई। औद्योगिक क्षेत्र में दहशत इस हादसे ने सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और उनके परिवारों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। मजदूरों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो इतने बड़े पैमाने पर जनहानि नहीं होती। घटना के बाद मजदूरों में भारी आक्रोश है। कई मजदूरों ने काम बंद करने की चेतावनी दी है। प्रशासन और पुलिस की भूमिका हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह भी बताया जा रहा है कि बिल्डर और ठेकेदार से पूछताछ की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों के परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़ इस हादसे ने मजदूर परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। रोजी-रोटी के लिए मेहनत करने निकले मजदूर अब वापस घर नहीं लौट पाए। उनके छोटे-छोटे बच्चों और परिवारजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और घायलों के इलाज की मुफ्त व्यवस्था करने की मांग की है।





