यह किसी फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन यह पूरी तरह सच्ची घटना है। नाइजीरिया के तीन युवकों ने मौत को मात देते हुए 11 दिन तक अटलांटिक महासागर में सफर किया, वो भी एक ऑयल टैंकर Alithini II के रडर (जहाज के पिछले हिस्से की लोहे की पट्टी) पर लटककर।
यह जहाज लागोस (Nigeria) से चला था और लगभग 2,700 मील का लंबा सफर तय कर Las Palmas (Canary Islands, Spain) पहुँचा। इस पूरी यात्रा में उनके पास न खाने को पर्याप्त भोजन था, न पीने का साफ पानी, न ही किसी तरह की सुरक्षा। ठंडी रातों में समुद्री हवा और लहरें लगातार उन पर गिरती रहीं, और वे बस एक पतली लोहे की छड़ पर टिके रहे। नीचे बेकाबू महासागर, ऊपर अंधेरा और डर।
रातें इतनी ठंडी थीं कि उनके शरीर सुन्न पड़ जाते, और दिन में सूरज की तेज धूप उन्हें झुलसा देती। वे समुद्र की लहरों के साथ झूलते हुए सिर्फ उम्मीद पर जिंदा रहे कि कहीं न कहीं यह जहाज उन्हें किनारे तक ले जाएगा।
आख़िरकार जब जहाज स्पेन के कैनेरी द्वीप के पास पहुँचा, तो स्पैनिश कोस्ट गार्ड ने जहाज के नीचे लटके इन तीनों को देखा। उन्हें तुरंत बचाया गया और अस्पताल पहुँचाया गया। अधिकारियों ने कहा— “इनका जीवित बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है।”
यह कहानी इंसान की जिजीविषा, हिम्मत और जीवित रहने की अदम्य इच्छा का उदाहरण है। अगर कभी किसी को हिम्मत की सच्ची मिसाल देखनी हो तो बस Alithini II के उस रडर पर खड़े इन तीन लोगों को याद कर लेना।





