Sunday, January 11, 2026
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    नक्सलियों ने सड़क निर्माण ठेकेदार को बंधक बनाया, सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी

    बीजापुर। जिले से गंभीर खबर सामने आई है, जहां नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार इम्तियाज़ अली को बंधक बना लिया है। घटना के दौरान ठेकेदार के साथ मारपीट की भी जानकारी मिली है। ठेकेदार के सहयोगी ने किसी तरह मौके से अपनी जान बचाकर इरापल्ली के मेटागुड़म कैंप तक पहुंचकर सुरक्षा बलों को पूरी घटना की जानकारी दी। इस घटना के बाद जिला पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य के दौरान नक्सलियों का एक दस्ता अचानक मौके पर पहुंचा और ठेकेदार इम्तियाज़ अली को अपने साथ जंगल की ओर ले गया। इस दौरान ठेकेदार के साथ काम कर रहे एक साथी ने किसी तरह अपनी जान बचाई और तुरंत नजदीकी सुरक्षा कैंप तक भागा। सुरक्षा बलों को सूचना मिलते ही तत्काल घटनास्थल की ओर टीमें रवाना कर दी गईं। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र कुमार यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ठेकेदार के साथी ने उनके कैंप में पहुंचकर बंधक बनाए जाने की जानकारी दी। एसपी ने कहा, “हमारी टीमें तुरंत घटनास्थल पर सक्रिय हो गई हैं। फिलहाल हम बंधक ठेकेदार की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है और नक्सलियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।” सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को छावनी और पेट्रोलिंग के दायरे में लिया है। साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों में लगे ट्रैकिंग और रेस्क्यू दलों को सक्रिय किया गया है। पुलिस का मानना है कि ठेकेदार को बंधक बनाने का उद्देश्य नक्सलियों द्वारा विकास कार्यों और सुरक्षा बलों की आवाजाही को बाधित करना हो सकता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण परियोजनाएँ अक्सर सुरक्षा बलों और विकास कार्यों के लिए बाधक नहीं बल्कि संवेदनशील लक्ष्य बन जाती हैं। यही कारण है कि ठेकेदारों और मजदूरों पर नक्सली दबाव, धमकी और हमले समय-समय पर दर्ज होते रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और निर्माण कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदार इम्तियाज़ अली हमेशा परियोजना के कार्यों को समय पर पूरा करने और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अग्रणी रहे हैं। उनकी बंधक स्थिति से परियोजना कार्य प्रभावित होने का डर है। वहीं सुरक्षा बलों ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदार को किसी भी तरह की हानि नहीं पहुँचने दी जाएगी और जल्द ही उनकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की जाएगी। एसपी जितेंद्र कुमार यादव ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नक्सली मूवमेंट की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को स्थानीय लोगों का सहयोग न मिलने पर नक्सलियों के खिलाफ  कार्रवाई में कठिनाइयाँ बढ़ सकती हैं। इस घटना ने बीजापुर जिले में सुरक्षा और विकास कार्यों पर नक्सलियों के खतरे को फिर से उजागर कर दिया है। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पैठ बढ़ाने और ऐसे मामलों को रोकने के लिए रणनीतिक कदम उठा रहे हैं। फिलहाल सभी निगरानी तंत्र और रेस्क्यू टीमें बंधक ठेकेदार की खोज में जुटी हैं और स्थिति पर अपडेट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई को गति दी जाएगी।

     

     

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