Friday, February 27, 2026
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    धान खरीदी व्यवस्था पर सवालों की बौछार : एजी खबर से चर्चा में विधायक दलेश्वर साहू ने शासन–प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया

    डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)।एजी खबर से प्रेसवार्ता के दौरान विधानसभा क्षेत्र डोंगरगांव के विधायक दलेश्वर साहू ने धान खरीदी व्यवस्था, एग्रीटेक पोर्टल और किसान पंजीयन में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण अन्नदाता किसान धान विक्रय से वंचित हो रहे हैं, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की बनती है।

    विधायक साहू ने कहा कि पी.वी. ऐप में पटवारी द्वारा धान फसल दर्ज किए जाने के बावजूद गिरदावरी में संशोधन नहीं हो पा रहा, जिसके कारण किसान खरीदी केंद्रों से खाली हाथ लौट रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब फसल दर्ज है तो गिरदावरी में सुधार क्यों नहीं हो रहा?

    उन्होंने आगे कहा कि वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का एग्रीटेक में पंजीयन होने के बाद भी यूनिफाइड फार्मर रजिस्ट्रेशन ऐप में खसरा दर्ज नहीं किया गया, जिससे ये किसान धान बेचने से वंचित हैं।

    एग्रीटेक–सोसायटी तालमेल की कमी से किसान परेशान

    एजी खबर से चर्चा में विधायक ने बताया कि नए खसरे से जुड़े रकबे एग्रीटेक में अपडेट होने के बावजूद समितियों में रकबा संशोधन नहीं हो पा रहा, जिससे वास्तविक किसान प्रभावित हो रहे हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि 30 प्रतिशत ऑफलाइन टोकन वितरण व्यवस्था का दुरुपयोग बिचौलियों और सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों द्वारा किया जा रहा है, जिससे पात्र किसानों को टोकन नहीं मिल पा रहा।

    कम रकबा दिखाकर किसानों को बाहर किया जा रहा

    विधायक साहू ने कहा कि कई किसानों का पंजीकृत रकबा पांच एकड़ होने के बावजूद एग्रीटेक में कम रकबा दर्शाया जा रहा है, जिससे वे धान विक्रय से वंचित हो रहे हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि शासकीय पट्टेदार किसानों को एग्रीटेक में भू-स्वामी दर्ज न होने के कारण धान खरीदी से बाहर कर दिया गया है, जबकि पूर्व वर्षों में इन्हीं जमीनों पर धान खरीदी होती रही है।

    वारिसान, समर्पण और सत्यापन में अव्यवस्था

    एजी खबर से चर्चा के दौरान विधायक ने कहा कि एग्रीटेक पोर्टल में वारिसान पंजीयन कैरी फॉरवर्ड न होने से कई किसान बाहर हो गए हैं।

    साथ ही रकबा समर्पण के दिशा-निर्देशों की गलत व्याख्या कर किसानों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि धान उत्पादन के भौतिक सत्यापन के नाम पर खेतों और घरों में जाकर किसानों को अपमानित किया जा रहा है, जो अन्नदाता के सम्मान के खिलाफ है।

    फार्मर आईडी न बनना सबसे बड़ी बाधा

    विधायक साहू ने कहा कि फार्मर एग्रीस्टेक पंजीयन में फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी नहीं बन पा रही, जिसके कारण किसानों का नाम पोर्टल में नहीं जुड़ पा रहा और वे धान विक्रय से वंचित हो रहे हैं।

     


    एकीकृत पोर्टल को 1तारीख से सात तारीख तक ओपन किया गया है। सरकार ने पिछले माह में भी ओपन किया था। जिन भी किसानों का रकबा संशोधन और पी वी की दिक्कत है और यू एफ आर वाले किसान है। इसका समाधान हो जाएगा। इस विषय में हमारे पटवारी, एस डी एम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सभी की ट्रेनिंग भी आज करवा दी गई है। किसी भी किसान भाई को दिक्कत हो रही हो तो तहसील और सोसायटी में जाकर उसे ठीक करवा सकते हैं।

    जितेंद्र यादव, कलेक्टर 

    राजनांदगांव


                        

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