डोंगरगढ़। जैन धर्म के महान संत आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की समाधि पर उनकी दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर डोंगरगढ़ का चन्द्रगिरि तीर्थ एक बार फिर राष्ट्रीय आस्था और विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है. इस अवसर पर देशभर में श्रद्धा के साथ-साथ आचार्य श्री को भारत रत्न प्रदान किए जाने की मांग भी तेज होती दिखाई दे रही है. आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने 18 फरवरी 2024 को चन्द्रगिरि तीर्थ में जैन परंपरा की सर्वोच्च साधना सल्लेखना के माध्यम से समाधि प्राप्त की थी. उनका जीवन तप, त्याग, संयम और नैतिक मूल्यों से ओत-प्रोत रहा. वे केवल जैन समाज के संत नहीं थे, बल्कि ऐसे आध्यात्मिक व्यक्तित्व थे जिनकी विचारधारा ने समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया. दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर चन्द्रगिरि तीर्थ में दिनभर भक्ति, आराधना, स्मृति आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसी क्रम में जैन समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा केंद्र सरकार से यह मांग उठाई जा रही है कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया जाए।





