भिलाई। दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में रविवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध अफीम की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान लगभग 14 लाख अफीम के पौधों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार इस अवैध खेती की कीमत करीब आठ करोड़ रुपये आंकी गई है। इस पूरे मामले का खुलासा होली से एक दिन पहले 3 मार्च को हुआ। कुछ बच्चे खेत के पास पहुंचे थे, जहां उन्होंने संदिग्ध पौधों को देखकर मोबाइल से उनकी तस्वीरें ले लीं। बाद में उन्होंने यह फोटो गांव के लोगों को दिखाई। ग्रामीणों ने गूगल के माध्यम से पौधों की जांच की, जिससे यह पुष्टि हुई कि ये अफीम के पौधे हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रशासन और पुलिस से की, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई। इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं एक अन्य आरोपी अचला दास फरार बताया जा रहा है। रविवार को गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर इस अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के अनुसार जिन खेतों में यह अवैध खेती की जा रही थी, सरकारी रिकॉर्ड में वहां मक्का (भुट्टा) की खेती दर्ज थी। लेकिन मौके पर मक्का के पौधों के बीच अफीम उगाई गई थी। इसके अलावा खेतों में बड़ी मात्रा में गाजर घास भी लगाई गई थी, ताकि दूर से देखने पर अफीम की खेती का पता न चल सके। इस तरह खेती को छिपाने की कोशिश की गई थी। कार्रवाई के दौरान शुरुआत में पुलिस जवानों ने अफीम के पौधों को हाथों से उखाड़ने का प्रयास किया, लेकिन पौधों की संख्या ज्यादा होने के कारण यह काम मुश्किल हो गया। इसके बाद प्रशासन ने करीब 50 महिला श्रमिकों को बुलाया, जिन्होंने खेतों में जाकर पौधों को उखाड़ना शुरू किया। बाद में जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से पूरे खेत को साफ कर पौधों को पूरी तरह नष्ट किया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और प्रशासन को आशंका है कि आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी अवैध अफीम की खेती हो सकती है। इसे देखते हुए ड्रोन की मदद से खेतों का सघन सर्वे किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





