धमतरी। स्वास्थ्य सुविधा के लिए जंगल, उबड़-खाबड़ व पहाड़ मार्ग से अस्पताल तक पहुंचना डुबानवासियों के लिए चुनौती भरा है, लेकिन कलेक्टर अबिनाश मिश्रा की पहल ने घंटों का काम मिनटों में कर दिया है। 50 किलोमीटर की दूरी जलमार्ग से अब सिर्फ सात किलोमीटर रह गया है, जिसे वाटर एंबुलेंस से सिर्फ 45 मिनट में पार कर लिया जाएगा और समय पर जरूरतमंद मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा मिलना शुरू हो जाएगा। पूरे डुबानवासियों के लिए जल मार्ग एक बड़ी उपलब्धि होगा। जिसे कभी किसी ने सोचा भी नहीं था, इसे धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सोचकर डुबानवासियों के लिए जलमार्ग को वरदान साबित कर दिया है। जिले के दूरस्थ एवं डुबान प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गंगरेल बांध क्षेत्र में वाटर एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की गई है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने आज डुबान क्षेत्र के विभिन्न गांवों का सघन दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया तथा उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि डुबान क्षेत्र के ग्रामीणों को अब तक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर उपचार मिलना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। इस समस्या के निराकरण के लिए शुरू की गई वाटर एंबुलेंस सेवा के माध्यम से अब ग्रामीणों को त्वरित एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। पहले जहां जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब जलमार्ग के माध्यम से यह दूरी घटकर लगभग सात किलोमीटर रह जाएगी। वाटर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध होने से डुबान क्षेत्र के ग्राम चिखली, माटेगहन, मोंगरागहन, मोंगरी, उरपुटी, कोड़ेगांव बी, कोड़ेगांव रैय्यत समेत कई गांवों के ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा।





