सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव का स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल

  • मरीज अपने घर से पंखा लाकर करवा रहे इलाज 
  • दांत डाक्टर आठ माह से छुट्टी में 
  • सरकारी अस्पताल में चार दिन से पंखा हुए खराब

डोंगरगांव( घनश्याम साव)।नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल बद से बद्तर हो गया है यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों को अपने घर से पंखा लेकर आना पड़ रहा है वजह अस्पताल के अन्दर लगें पंखा खराब है लेकिन इनको अस्पताल प्रबंधन बनवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं जिस वजह अस्पताल में भर्ती मरीजों को भीषण गर्मी से बचने के लिए अपने घर से पंखा लेकर पहुंच रहे हैं वहीं नगर के अस्पताल का बदहाल व्यवस्था को अनेकों बार खबर के माध्यम से हमारे द्वारा उठाते आये है लेकिन व्यवस्था सुधरने के बजाय जस के तस पड़े नजर आते हैं वजह अस्पताल प्रबंधन की सुस्त रवैया व लापरवाही नजर आ रहे हैं। जच्चा बच्चा वार्ड में भर्ती मरीज अपने लिए घर से पंखा लेकर पहुंचे थे।

अस्पताल व्यवस्था सुधारने करोड़ों का बजट प्रतिवर्ष मिलता है 

सरकारी अस्पताल का हाल बेहाल

सरकार द्वारा अस्पताल के व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए की राशि स्वीकृत होता है जिसमें मरीजों को आवश्यक दवाएं उपकरण जैसे आवश्यक सामग्री खरीदी करना होता है लेकिन अस्पताल के द्वारा सिर्फ बील लगाकर अन्य कार्यों में पैसे लगाकर राशि डकार जाते हैं तभी तो अस्पताल की व्यवस्था दिनों दिन चरमराती जा रही है। अस्पताल में मरीजों को पीने का पानी तक के लिए अपने घरों से लाकर पीना पड़ता है।

अस्पताल में मिलने वाले खाना में कांटा मारी व गुणवत्ताहीन खाना परोसा जाता है 

अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए शासन के द्वारा गुणवत्ता पूर्ण भोजन के व्यवस्था के लिए बजट दिया जाता है ताकि मैन्यू के हिसाब से प्रतिदिन खाना दिया जा सके लगभग प्रत्येक मरीज के लिए 250 रूपये के हिसाब से खाना का रूपये दिया जाता है लेकिन खाना देने वाले ठेकेदार मरीजों को देने वाले खाने में कांटा मारी कर रहे हैं वहीं मैन्यू के हिसाब से खाना भी नहीं देते हैं और खाना की क्वालिटी भी इतना खराब है कि मरीज खाना खा कर और बिमार हो जायेंगे विगत तीन वर्षों से एक ही व्यक्ति खाना का ठेके ले रहे हैं जिस वजह से इस तरह लगातार मनमानी कर रहे हैं बदलाव करना चाहिए लेकिन अधिकारी और ठेकेदार के मिलीभगत से मरीजों को मिलने वाले भोजन की राशि भी डकार जा रहे हैं। वहीं अप्रैल माह से नये टेंडर होता है लेकिन अधिकारी की उदासीनता से टेंडर भी नहीं निकालें है।

लगभग आठ महीने से दंत ओपीडी बंद पड़ा है 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दंत ओपीडी लगभग आठ महीने से बंद पड़ा है लेकिन जवाबदेह लोगों के नजर अंदाजी से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों की ओर रूख अपना पड़ा रहा है जिससे उनके पैकेट से भारी भरकम राशि अपने दांतों के इलाज के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है वहीं दंत चिकित्सक लगभग आठ महीने से छुट्टी पर बैठीं हुई है लेकिन उनके जगह पर किसी अन्य डाक्टर का ड्युटी नहीं लगाया गया जिसके कारण मरीजों को काफी दिक्कत हो रही है लेकिन आम जनों के समास्याओ से जिम्मेदार लोग को कोई मतलब नहीं है।


बीएमओ ने कहा 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में पिछले चार पांच दिनों से कुछ पंखा अस्पताल में बंद हो गए हैं जिनके सुधार के लिए मैने इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक को बोला है शीघ्र ही सुधार कार्य किए जाएंगे,

वहीं दांत ओपीडी में डाक्टर के लिए सीएमएचओ को लिखित आवेदन कर दूसरे डाक्टर की मांग की गई है जिनमें सप्ताह में दो दिन दांत डाक्टर उपलब्ध रहेंगे । इनके अलावा पानी की समस्या भी शीघ्र हल की जाएगी।

     डॉ रागनी चंद्रे बीएमओ


 

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