कैंसर पीड़ित टीचर की गुहार पर प्रशासन सख्त : आवेदन लंबित रखने पर बाबू निलंबित, डीईओ ने जारी कराया चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि

रायपुर। कैंसर से पीड़ित सरकारी कर्मचारी जब आर्थिक तंगी से जूझ रहा हो तो वैसे में विभाग द्वारा मानवता का परिचय देते हुए उन्हें महज 10 दिनों में चिकित्सा की राशि आबंटित कर दे तो वह उसके लिए किसी वरदान से कम नहीं होता है। ऐसा ही वाकया रायपुर में हुआ, जहां जिला शिक्षा अधिकारी ने कैंसर पीड़ित एक व्याख्याता को उनके इलाज के लिए करीब 2 लाख रुपए उच्च कार्यालय से आबंटित कराया। वहीं चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन को उच्च कार्यालय में जमा नहीं करने पर बाबू को निलंबित किया।

पीड़ित महिला व्याख्याता ने रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह के दफ्तर पहुंचकर अपनी पीड़ा बताते हुए चिकित्सा के लिए राशि आबंटित करने की मांग की थी। पीड़ित टीचर ने विभागीय तौर पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दी थी, जिस पर तत्परता दिखाते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर को पीड़िता को तत्काल चिकित्सा भुगतान के लिए निर्देशित किया। इसके परिपालन में डीईओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को चिकित्सा भुगतान के लिए संचालनालय से राशि आबंटित कराया।

लापरवाही बरतने पर बाबू निलंबित

इस मामले में पीड़ित महिला व्याख्याता ने अपने पदस्थ शाला में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन शाला में पदस्थ सहायक ग्रेड 03 (बाबू) ने उच्च कार्यालय में आवेदन को जमा नहीं किया था। इसकी शिकायत पीड़िता ने कलेक्टर से की, जिस पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने जांच कर छग सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 (1) के (एक), (दो), (तीन) का उल्लंघन पाया। इसके तहत सहायक ग्रेड-03 को जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उसे विकासखंड शिक्षा अधिकारी धरसींवा जिला रायपुर में अटैच किया। वहीं संबंधित प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया।

अनुशासनहीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं : डीईओ

जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने कहा, कलेक्टर के निर्देशानुसार पीड़ित महिला व्याख्याता को चिकित्सा भुगतान के लिए चिकित्सा राशि का मांग पत्र संचालनालय लो.शि.सं. में प्रेषित किया गया। महज दो दिनों में ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि लगभग 2 लाख रुपए आबंटित करवा लिया गया है। पीड़िता को आबंटन की राशि उनके संवितरण आहरण अधिकारी (डीडीओ) को जारी कर दिया गया है।

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