डोंगरगांव नगर पंचायत में हंगामा: खुद को “कलेक्टर” बताकर पहुंची महिला, दो दिन तक गाली-गलौच और धमकी से कामकाज ठप

डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।डोंगरगांव नगर पंचायत कार्यालय में दो दिनों तक चले हंगामे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला द्वारा खुद को कलेक्टर बताकर परिसर में घुसकर उत्पात मचाने से लगातार दो दिन तक शासकीय कामकाज प्रभावित रहा और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बना रहा।

कर्मचारियों से मिली जानकारी और कलेक्टर को की गई शिकायत के अनुसार, 4 मई को दोपहर करीब 2 बजे एक महिला वाहन क्रमांक CG08AJ710 से नगर पंचायत परिसर पहुंची। आते ही उसने खुद को कलेक्टर बताते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों पर रौब झाड़ना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला ने अश्लील और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कर्मचारियों को धमकाया और गाली-गलौच की। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) द्वारा फोन पर समझाने की कोशिश भी बेअसर रही और महिला ने फोन पर भी अपशब्द कहे।

स्थिति को संभालने के लिए नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने हस्तक्षेप कर महिला को अपने चेंबर में बैठाया और सम्मानपूर्वक पानी पिलाया, लेकिन महिला ने पानी फेंक दिया और उपाध्यक्ष सहित सफाई कर्मचारियों के साथ भी अभद्रता की। इस दौरान वह पूरे परिसर में घूमकर कर्मचारियों को डराती-धमकाती रही, जिससे कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

मामला यहीं नहीं थमा। 5 मई को भी महिला दोबारा नगर पंचायत कार्यालय पहुंची और फिर हंगामा करने लगी। इस बार वह कर्मचारियों से सवाल करने लगी—तुम लोग एनओसी का मतलब जानते हो? और अधिकारियों पर दबाव बनाते हुए मुझे दो एनओसी की मांग करने लगी। कई कर्मचारियों से उसकी तीखी बहस हुई और उसने फिर धमकाने का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि महिला ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी विन्रम जेमा से भी इसी तरह की मांग की। हालांकि, सीएमओ ने संयम बनाए रखते हुए महिला को शांत करने का प्रयास किया और आदरपूर्वक पानी व गन्ना रस पिलाया, लेकिन उसका व्यवहार सामान्य नहीं हुआ।

लगातार दो दिनों तक चले इस घटनाक्रम से नगर पंचायत के कर्मचारी और जनप्रतिनिधि आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल शासकीय कार्य में बाधा डाल रही हैं, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

नगर पंचायत अध्यक्ष अंजू त्रिपाठी ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर जितेंद्र यादव को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में बताया गया है कि उक्त महिला रीतू सिंह, पति स्व. भूपेश सिंह, निवासी जीवन सूर्या कॉलोनी, राजनांदगांव है। अध्यक्ष ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और कार्यालय में सामान्य व्यवस्था बहाल हो सके।

एनओसी को लेकर विवाद की वजह

सीएमओ विन्रम जेमा के अनुसार, भूपेश सिंह पूर्व में नगर पंचायत के सीएमओ थे, जिनका कुछ माह पहले निधन हो गया। उनके निधन के बाद पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति के लिए एनओसी आवश्यक होती है। हालांकि, नगर पंचायत की ऑडिट रिपोर्ट में उनके कार्यकाल के दौरान कुछ सामान की कमी पाए जाने की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर रिकवरी लंबित होने के कारण एनओसी जारी नहीं की जा रही है, बल्कि संबंधित पक्ष को देय राशि (ड्यूज) का प्रमाण पत्र दिया जा रहा है।

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