मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले के चिल्हाटी थाना क्षेत्र स्थित मोंगरा बैराज में एक ग्रामीण का टुकड़ों में बंटा नर कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। बाद में पुलिस जांच और परिजनों की पहचान के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि कंकाल महाराष्ट्र निवासी 60 वर्षीय सदाराम यादव का है, जो पिछले साल सितंबर माह में तेज बारिश और बाढ़ के दौरान लापता हो गए थे। पुलिस ने कंकाल को जांच के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।जानकारी के अनुसार अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम मोंगरा स्थित बांध के उलट क्षेत्र में कुछ ग्रामीण मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर पेड़ की जड़ों में फंसे मानव कंकाल पर पड़ी। यह दृश्य देखकर ग्रामीण घबरा गए और तुरंत गांव के पटेल तथा कोटवार को सूचना दी। इसके बाद गांव के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही चिल्हाटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की जांच शुरू की। पुलिस ने पाया कि कंकाल के शरीर के हिस्से अलग-अलग स्थानों पर बिखरे हुए थे। कमर से घुटने तक का हिस्सा पेड़ की जड़ में फंसा हुआ था, जबकि सिर और अन्य हड्डियां कुछ दूरी पर पड़ी थीं। पुलिस ने सावधानीपूर्वक सभी अवशेषों को एकत्र किया और आगे की जांच के लिए थाने ले गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुमशुदगी के पुराने रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को महाराष्ट्र सीमा से लगे टेकाबदर गांव के एक लापता व्यक्ति की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने वहां संपर्क कर परिजनों को बुलाया। सूचना मिलने पर टेकाबदर गांव निवासी शालिक राम यादव चिल्हाटी थाने पहुंचे। उन्होंने कंकाल के पास मिले कपड़ों के आधार पर पहचान की। शालिक राम ने बताया कि उनके पिता सदाराम यादव 25 सितंबर 2025 को घर से शिवनाथ नदी की ओर गए थे। उसी दिन क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी और नदी में बाढ़ आने के बाद वे लापता हो गए थे।परिजनों और पुलिस का मानना है कि तेज बहाव में सदाराम यादव शिवनाथ नदी में बह गए होंगे और बहते हुए मोंगरा बैराज तक पहुंच गए। लंबे समय तक पानी में रहने और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण शव कंकाल में बदल गया तथा शरीर के हिस्से अलग-अलग हो गए। चिल्हाटी थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर संजय मेरावी ने बताया कि कंकाल को मेडिकल जांच के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पोस्टमार्टम और अन्य वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है ताकि मौत के कारणों की पूरी पुष्टि की जा सके। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और दुख का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और बाढ़ के दौरान नदी किनारे जाने वाले लोगों के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी और बांध क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





