चिरमिरी। चिरमिरी में रामकथा के लिए पहुंचे जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। व्यास गद्दी से संबोधित करते हुए रामभद्राचार्य ने कहा कि वह यूं ही जगतगुरु नहीं बने हैं और उनके ज्ञान एवं योग्यता का पूरा परीक्षण कराया जा सकता है। रामभद्राचार्य ने कहा कि वह 22 भाषाओं में धाराप्रवाह बोल सकते हैं और जगतगुरु बनने के लिए आवश्यक सभी मानकों को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि “मेरे जगतगुरु होने का पूर्ण परीक्षण कर लें महंत। जगतगुरु बनने के लिए तीन ग्रंथों पर भाष्य लिखना अनिवार्य होता है और सभी अखाड़े इसका समर्थन करते हैं।” उन्होंने चरणदास महंत के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संतों के बारे में किस प्रकार बात करनी चाहिए, इसका सामान्य ज्ञान तक कुछ लोगों को नहीं है। उन्होंने कहा कि “इनको मिर्ची लग रही है, लेकिन जो रामजी से प्रेम करेगा उसे मेरा आशीर्वाद मिलेगा।” दरअसल, इससे पहले चरणदास महंत ने रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक बताते हुए कहा था कि वह उन्हें जगतगुरु नहीं मानते। महंत के इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बहस तेज हो गई थी। अब रामभद्राचार्य के पलटवार के बाद यह विवाद और अधिक गहरा गया है। रामकथा कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी इस बयान को लेकर चर्चा होती रही।





