बालोद( हितेश डोंगरे)। जिले में अवैध रेत खनन पर खनिज विभाग की कार्रवाई के बाद अब विभाग की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। डौण्डी विकासखंड के ग्राम अरजगुंडरा में अवैध उत्खनन में लगी चैनमाउंटेन मशीन जेसीबी जप्त किए जाने के बाद आम लोगों का कहना है कि जब लंबे समय से रेत माफिया खुलेआम मशीनों से उत्खनन कर रहे थे, तब आखिर खनिज विभाग कार्रवाई से दूर क्यों था?
लोगों का आरोप है कि अवैध रेत खनन कोई एक-दो दिन का खेल नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा काम है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ?खनिज विभाग इतने दिनों से सोया हुआ था, या फिर रेत माफियाओं पर विभाग की मेहरबानी बनी हुई थी?
ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात मशीनों की आवाज और रेत से भरे वाहनों की आवाजाही सबको दिखाई दे रही थी? फिर जिम्मेदार अधिकारियों को यह सब नजर क्यों नहींआया ? अब कार्रवाई होने के बाद लोग यह पूछ रहे हैं कि आखिर गाड़ी मालिक कौन हैं ?और उनके खिलाफ क्या सख्त कदम उठाए जाएंगे? और गाड़ी मालिक का नाम कब सार्वजनिक किया जायगा ?
क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि यदि समय रहते सख्ती दिखाई जाती, तो अवैध खनन को पहले ही रोका जा सकता था। जनता अब केवल मशीन जप्त करने की कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे अवैध रेत कारोबार की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है।






