मुंगेली(रिपोर्टर-संदीप यादव) | लंबे समय से चली आ रही *”अटैचमेंट सिस्टम”* पर शिक्षा विभाग ने आखिरकार ताला जड़ दिया है। राज्य शासन के कड़े निर्देशों के बाद *जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली* ने बड़ा फैसला लेते हुए जिले के सभी *संलग्न शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त* करने के आदेश जारी किए हैं।
अब शिक्षकों को *कलेक्ट्रेट, जिला शिक्षा कार्यालय या दूसरे स्कूलों* में बैठने की छूट नहीं मिलेगी। सभी को अपनी *मूल पदस्थापना वाली शाला* में ही जाना होगा और वहीं से *VSK ऐप के जरिए ऑनलाइन हाजिरी* लगानी होगी।
*संचालनालय के पत्र के बाद हड़कंप*
*लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़* ने पत्र क्रमांक *एम.आई.एस./N-123/445, दिनांक 25 जून 2026* जारी कर पूरे प्रदेश में शिक्षकों की संलग्नीकरण व्यवस्था समाप्त करने का आदेश दिया था।
इसी के पालन में DEO ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को निर्देश दिए कि *जिन शिक्षकों को व्यवस्था के तहत अन्यत्र अटैच किया गया है, उन्हें 24 घंटे के भीतर कार्यमुक्त कर मूल स्कूल भेजा जाए।
*”अब क्लास छोड़कर ऑफिस नहीं“*
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब कोई भी शिक्षक मूल संस्था के अलावा कहीं और से उपस्थिति दर्ज नहीं कर सकेगा। *VSK ऐप पर लोकेशन के साथ सेल्फी* लगेगी, जिससे फर्जी हाजिरी पर भी रोक लगेगी।
DEO ने सख्त लहजे में कहा _”यदि किसी BEO या प्राचार्य ने शिक्षक को समय पर कार्यमुक्त नहीं किया, तो जवाबदेही तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”_
*3 बड़े फायदे गिनाए विभाग ने*
शासन ने इस फैसले के पीछे 3 मुख्य वजह बताई हैं:
1. *शिक्षकों की कमी दूर होगी* – स्कूलों में स्टाफ पूरा रहेगा
2. *पारदर्शिता आएगी* – कौन कहां ड्यूटी दे रहा है, सब ऑनलाइन दिखेगा
3. *शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी* – गुरुजी अब क्लास में मिलेंगे, फाइल में नहीं
*पालकों ने किया स्वागत*
इस आदेश से जिले के हजारों पालक खुश हैं। उनका कहना है _”सालों से शिकायत थी कि स्कूल में टीचर नहीं रहते। अब नियमित पढ़ाई होगी।”_
वहीं कई अटैच शिक्षकों में इस फैसले को लेकर बेचैनी देखी जा रही है।
यह आदेश *तत्काल प्रभाव* से लागू है।






