15 को विधानसभा घेरने शिक्षकों ने की तैयारी, बनाई रणनीति

बलौदाबाजार भाटापारा (मोहन तिवारी)नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के बीच जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर 15 जुलाई को रायपुर में विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इसके लिए जिले से बड़ी संख्या में शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर आंदोलन में शामिल होने रायपुर रवाना होंगे।

फेडरेशन ने अपनी मांगों के समर्थन में क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा तथा सांसद बृजमोहन अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा है। संगठन वेतन विसंगति दूर करने, पदोन्नति, सेवा सुरक्षा, पेंशन लाभ और अन्य लंबित मांगों पर सरकार से जल्द निर्णय की मांग कर रहा है। जिला अध्यक्ष कोमल प्रसाद साहू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार की गई। बैठक में कहा गया कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए ज्ञापन, चर्चा और संवाद के बावजूद ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके चलते आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राठौर ने कहा कि सहायक शिक्षक वर्षों से वेतन विसंगति, पदोन्नति, सेवा सुरक्षा और सेवागत अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शासन स्तर पर कई बार चर्चा होने के बावजूद समस्याओं का पूर्ण समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन मिला है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने से विधानसभा घेराव का निर्णय लिया गया है।

फेडरेशन के अनुसार आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। 6 जुलाई को शिक्षा सचिव से मुलाकात और रायपुर में प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी। इसके बाद 7 से 13 जुलाई तक सांसदों और विधायकों को ज्ञापन सौंपे गए। अब 15 जुलाई को विधानसभा घेराव किया जाएगा।

शिक्षकों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति समाप्त कर क्रमोन्नति वेतनमान लागू करना, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुरूप पदोन्नति में वरिष्ठता का पालन, विभागीय परीक्षा के कारण उत्पन्न सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पेंशन एवं अन्य लाभ देना, एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति, वीएसके एप संबंधी समस्याओं का निराकरण तथा टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करना शामिल है। जिले के 2061 सरकारी स्कूल पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। विभिन्न श्रेणियों के कुल 2,846 पद रिक्त हैं। वहीं कई स्कूलों में अब तक सभी विषयों की किताबें और विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म भी नहीं पहुंची है। ऐसे में शिक्षकों के आंदोलन से शिक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है।

Hot Topics

Related Articles