- किसानों को न्याय की दरकार- छन्नी साहू
डोंगरगांव(घनश्याम साव): खुज्जी और डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र के किसानों और डोंगरगांव के एक परिवार के युवकों के खिलाफ चल रहे बहुचर्चित मामले को लेकर स्थानीय एसडीएम कार्यालय परिसर में 11 किसान परिवार के साथ खुज्जी की पूर्व विधायक छन्नी साहू ने धरना प्रदर्शन किया. इस विषय को लेकर किसानों ने बताया कि वे सभी किसान जमीन हड़पने के मामले में विगत 2011 से कोर्ट का चक्कर लगा रहे हैं और अब तक उन्हें सन्तान्वे पेशी में दौड़ाया जा चुका है. वहीं एक सप्ताह पूर्व भी पेशी में बुलाया गया था किन्तु फिर से अगला दिनांक दे दिया गया. सोमवार को भी इनका पेशी थी किन्तु फिर से अगला पेशी मंगलवार 14 जुलाई के लिए दे दिया गया है. उनकी इसी बात को लेकर नाराज किसानों ने पूर्व विधायक को लेकर एसडीएम कार्यालय में धरने में बैठ गये हैं और पूरी रात बिताकर दूसरे दिन पेशी में उपस्थित होने का निर्णय लिया है.
किसानों की मानें तो कर्ज के बोझ में दबाकर उनकी जमीनों को अपने नाम रजिस्ट्री कर दिया गया, जिसके बाद अपनी जमीन की वापसी के लिए लगातार कोर्ट का चक्कर लगा रहे हैं और ये सभी किसान अपने जोत कब्जा वाले जमीनों का कागजात नहीं होने से कोई भी किसान न अपनी फसल को बेच रहे हैं और न ही जमीनों को आवश्यकतानुसार उपयोग कर पा रहे हैं. धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि ढाई वर्ष से अधिक होने के बावजूद फर्जी रजिस्ट्री के मामले में हम किसानों को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है. डोंगरगांव के एक परिवार व्दारा किसानों के फर्जी रजिस्ट्री करा ली गई है और यह मामला तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन में भी सही पाया गया है. उक्त दोनों युवकों पर कड़ी कार्यवाही के लिए अनुशंसा की गई है. वहीं यह मामला एसडीएम में आने के बाद उनके व्दारा भी कड़ी कार्यवाही के लिए अनुशंसा पत्र कलेक्टर राजनांदगांव को दिए जाने की बात कही गई है. बावजूद इसके 97 पेशी होने के बाद भी कोर्ट किसी निर्णय पर नहीं पहुंची है. वहीं किसानों ने बताया कि सबसे पहले यह मामला सिविल कोर्ट में गया था, जहाँ से ऋण मुक्ति अधिनियम के तहत संबंधित अनुविभागीय कार्यालय एवं दंडाधिकारी राजस्व को भेज दिया गया था लेकिन अनेक पेशी हो जाने के बावजूद केवल तारीख पे तारीख दी जा रही है, जिससे किसान काफी आहत हैं.
धरने पर बैठी पूर्व विधायक छन्नी साहू ने बताया कि इसके साथ ही पिछले पेशी में एक परिवार के दो युवकों के व्दारा पहले तो फर्जी रजिस्ट्री कराया गया और जब किसान अपनी जमीन को वापस लेने न्यायालय की शरण में आये तो उन्हें डराया धमकाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई और जातिगत गाली-गलौच किया गया. इस बात को लेकर किसान डोंगरगांव थाने एसपी कार्यालय तक गए थे लेकिन किसानों को वहाँ से भी खाली हाथ लौटना पड़ा. वहीं श्रीमती साहू ने छत्तीसगढ़ के साय सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वे अपने आपको किसान हितैशी बताते हैं लेकिन क्षेत्र के 18 गांव के 69 किसान परिवार अपनी जमीन पाने के लिए दर दर भटक रहे हैं.
तहसीलदार कमल किशोर साहू, आकांक्षा साहू, और नायब तहसीलदार जेपी खूंटे, सतपाल यादव, टी आई आशीर्वाद रहटगांवकर द्वारा किसानों को घंटों समझाइश देने के बाद भी धरना पर बैठे सभी किसान अपने बातों को लेकर अडिग है,
भूमि वापसी के विषय में प्रकरण है और प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही इस मामले में कहा जा सकता है. किसी दबाव में कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता. जो नियम में है, वही होगा और किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है- अनिकेत साहू एसडीएम डोंगरगांव






