- 4 किमी दूर से पानी ढोने को मजबूर महिलाएं, 15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
मुंगेली(संदीप यादव)सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना जमीनी स्तर पर फेल होती दिख रही है। जिले के कई गांवों में करोड़ों की लागत से पानी टंकी तो बन गईं लेकिन आज तक नलों में एक बूंद पानी नहीं आया। इसी नाराजगी को लेकर छत्तीसगढ़ शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की जिला इकाई ने मंगलवार को पीएचई कार्यालय का घेराव किया।
दाऊ राम चौहान के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों शिवसैनिक और गांव की महिलाएं शामिल हुईं।
महिलाओं की सबसे बड़ी परेशानी
धनगांव की महिलाओं ने बताया कि पीने के पानी के लिए उन्हें रोज 4 किलोमीटर दूर भटलीकला जाना पड़ता है। इससे न तो बच्चे समय पर स्कूल जा पाते हैं और न ही घर के काम हो पाते हैं। “दूर से मटकी भरकर लाने में कमर टूट जाती है” – महिलाओं ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखी।
अधिकारी दे रहे गोल-मोल जवाब
शिवसेना जिला महासचिव भानु निषाद ने कहा कि डोमनपुर, बड़तुली, दशरंगपुर और किशनपुर में पानी टंकियां बन चुकी हैं पर सप्लाई ठप है। सरकार सिर्फ पोस्टर और बैनर से वाहवाही लूट रही है, धरातल पर काम नहीं हो रहा।
जब अधिकारियों से सवाल किया गया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर भानु निषाद ने कहा “आप जब तक गांव में पानी नहीं देंगे, तब तक खुद अपने परिवार के साथ वहां रहकर दिखाएं।”
15 दिन का अल्टीमेटम
प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद पीएचई अधिकारियों ने 15 दिन के भीतर सभी गांवों में पेयजल समस्या दूर करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद घेराव समाप्त हुआ।
इस दौरान प्रदेश महासचिव दाऊ राम चौहान, जिलाध्यक्ष संतोष साहू, ओपी यादव, इन्द्र कुमार साहू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।






