ओडिशा के पुरी में रथयात्रा शुरू हो गई है। शाम 5.05 बजे सबसे पहले भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज आगे बढ़ा। पुरी में इस समय तेज बारिश हो रही है। करीब 10 लाख लोग मुख्य मंदिर से 3km दूर बने गुंडीचा मंदिर तक के यात्रा रूट पर मौजूद हैं। सभी रथों को भक्त रस्सियों के जरिए खींचेगे। मूसलाधार बारिश के बावजूद, पुरी की सड़कों पर आज श्रद्धा का महासागर उमड़ पड़ा है। शाम ठीक 5:05 बजे जैसे ही प्रभु बलभद्र का रथ तालध्वज गुंडिचा मंदिर की ओर रवाना हुआ, पुरी का वातावरण जय जगन्नाथ के उद्घोष से गूंज उठा। इससे पहले पहंडी रस्म के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा रथ पर विराजमान किया गया। तेज बारिश के कारण भगवान जगन्नाथ को बिना मुकुट पहनाए ही मंदिर से बाहर लाया गया। इस बार उन्हें झुलाते हुए भी नहीं लाए, बल्कि धीरे-धीरे रथ पर लाया गया। पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव सोने की झाड़ू से तीनों रथों के आगे झाड़ू लगाई। इधर, अहमदाबाद में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जा रही है। इस बार हाथियों को पैर में जंजीरों से बांधकर लाया गया और खड़िया पोल पर आते ही लोगों को सड़क से हटा दिया गया। पिछले साल रथ यात्रा के दौरान 3 हाथी बेकाबू हो गए थे। जमालपुर जगन्नाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती हुई। इसमें गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। सीएम भूपेंद्र पटेल और डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने सोने की झाड़ू से रास्ता साफ करके यात्रा को रवाना किया।






