जियाउल खान,सरगुजा ,लखनपुर। विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र रेमहला में पीलिया से पीड़ित 25 वर्षीय विवाहिता की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों द्वारा समय पर चिकित्सकीय उपचार कराने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लेने से उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई।
जानकारी के अनुसार, रेमहला निवासी फूलेश्वरी (25) का प्रेम विवाह देवभूड़ू निवासी दिलकर राम से हुआ था। कुछ समय पहले वह पीलिया से संक्रमित हुई, लेकिन उसका उपचार अस्पताल में कराने के बजाय झाड़-फूंक के माध्यम से कराया जाता रहा। बीमारी बढ़ने पर उसकी तबीयत गंभीर हो गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
मृतका को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लखनपुर लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त अंधविश्वास और स्वास्थ्य जागरूकता की कमी को उजागर करती है। गंभीर बीमारियों में समय पर चिकित्सकीय उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।






