कैच द रेन’ अभियान:जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान-वाटरशेड आर्गेनाइजेशन ट्रस्ट

कोरिया। वाटरशेड ऑर्गनाइजेशन ट्रस्ट एवं एचडीएफसी परिवर्तन, एफडीपी परियोजना के अंतर्गत शासकीय ऊच्च्तर माध्यमिक विद्यालय -पुसला के साथ संयुक्त अभिसरण तथा शासकीय ऊच्च्तर माध्यमिक विद्यालय – पुसला श्री चौबे सर (प्राचार्य) के मार्गदर्शन एवं सहयोग से विकास खंड सोनहत के ग्राम पुसला में ‘कैच द रेन’ अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और प्रत्येक नागरिक को वर्षा जल संचयन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उद्देश्य नागरिकों को अपने घर, विद्यालय, कार्यालय, खेत या समुदाय में किए जा रहे वर्षा जल संरक्षण के प्रयासों को रचनात्मक तरीके से लोगो के सामने प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

*“कैच द रेन” अभियान क्यों है महत्वपूर्ण?*

भारत सरकार ने वर्ष 2021 से ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन’ को राष्ट्रीय स्तर पर चलाया है। इसका उद्देश्य वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जल निकायों का पुनर्जीवन, वनीकरण तथा जन-जागरूकता के माध्यम से देश को जल सुरक्षित बनाना है। यह अभियान हर वर्ष मानसून के दौरान लोगों को स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।

छत्तीसगढ़, जिसे “भारत का धान का कटोरा” कहा जाता है, प्राकृतिक संसाधनों और कृषि परंपरा से समृद्ध है। लेकिन हाल के वर्षों में भूजल स्तर में खतरनाक गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण अनियंत्रित दोहन, बदलता मानसून और सिंचाई व घरेलू उपयोग के लिए बढ़ती मांग है l भारी मानसूनी वर्षा के बावजूद, राज्य के कई हिस्सों में मौसमी जल संकट की स्थिति बनी रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई के लिए बोरवेल और ट्यूबवेल पर अत्यधिक निर्भरता के कारण भूजल स्तर तेजी से घट रहा है। दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव और बिलासपुर जैसे जिलों में केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की रिपोर्टों में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है सफल कृषि के लिए जल एक महत्वपूर्ण घटक है। पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ, उपयोगी जल फसलों और पशुओं को फलने-फूलने में सक्षम बनाता है। कृषि संबंधी लाभों के अलावा, जल कई संवेदनशील या संरक्षित भूमियों, जैसे आर्द्रभूमि, के पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए भी आवश्यक है। सोनहत, कई अन्य क्षेत्रों की तरह, सीमित संसाधनों के साथ जल आवश्यकताओं को संतुलित करने की चुनौती का सामना कर रहा है। छत्तीसगढ़ अपनी नदियों के लिए जाना जाता है, लेकिन दैनिक उपयोग के लिए स्वच्छ, मीठे पानी की उपलब्धता एक बढ़ती हुई चिंता का विषय है। हमें यह समझना होगा कि जल एक असीमित संसाधन नहीं है, और इसका संरक्षण हमारे और हमारे समुदाय के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पानी बचाना केवल एक व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी नहीं है, यह एक सामूहिक ज़िम्मेदारी है। ग्राम विकास समिति अध्यक्ष पुसला ने कहा साथ मिलकर काम करके, हम अपने समुदाय और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस बहुमूल्य संसाधन के संरक्षण में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। आइए, अपने दैनिक जीवन में जल संरक्षण के लिए सचेत प्रयास करें और सोनहत के लिए एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करें जल संरक्षण का संकल्प लेने में हमारे साथ जुड़ें। आइए, जल संरक्षण को सिर्फ़ एक नारा नहीं, बल्कि एक आदत बनाएँ

*उद्देश्य:*

1.सभी स्थितियों के आधार पर जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल बारिश के पानी को संग्रहीत करने के लिये वर्षा जल संचयन संरचना का निर्माण करना।

2.अभियान के कार्यान्वयन के लिये प्रभावी प्रचार और सूचना, शिक्षा, संचार गतिविधियों के माध्यम से ज़मीनी स्तर पर लोगों को शामिल करना।

कार्यक्रम में शाला के छात्र/छात्राए , शिक्षक , पग्राम विकास समिति के सदस्य , वाटर संस्था के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे l

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