कोरबा/कटघोरा(कमलकांत पाटनवार) कटघोरा नगर के अटल परिसर में स्थापित भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रतिमा कांसे की बजाय सीमेंट की लगाए जाने के आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने इस मामले को कथित भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए भाजपा सरकार और नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं भाजपा की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।इधर, शुक्रवार को युवा कांग्रेस ने अटल परिसर के सामने धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन का नेतृत्व युवा कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष विकास सिंह ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसी महान विभूति की प्रतिमा के निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। उनका कहना था कि जिस प्रतिमा को कांसे की बताया गया, उसकी जगह सीमेंट की प्रतिमा स्थापित कर दी गई, जो न केवल आर्थिक अनियमितता का मामला है, बल्कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान के साथ भी खिलवाड़ है।विकास सिंह ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो। युवा कांग्रेस ने नगर पालिका के सीएमओ को तत्काल बर्खास्त करने की मांग उठाई और संबंधित कार्य के लिप्त ठेकेदार व भाजयुमो मण्डल अध्यक्ष पर कार्यवाही की मांग की। धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन समाप्त करने का प्रयास किया, लेकिन युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे और कार्रवाई की मांग करते हुए धरना जारी रखा।प्रतिमा को लेकर उठे इस विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मामला बता रही है, जबकि प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच और तथ्यों को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।






