लखनपुर अस्पताल में आरोग्य लैब के नाम से एक निजी कंपनी को लैब का कार्यभार, रिपोर्ट में देरी से मरीजों को हो रही परेशानी 

जियाउल खान लखनपुर /सरगुजा  ।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत मरीजों का जांच सरकार ने एक निजी कंपनी को जिम्मा सौंपा दिया है। छतीसगढ़ शासन द्वारा पूर्व में संचालित हमर लैब अब अटल आरोग्य लैब बन चुका है जहाँ छत्तीसगढ़ में अलग अलग बीमारियों में होने वाली जांच लैब के पदस्थ कर्मचारियों द्वारा नहीं अटल आरोग्य लैब के कर्मचारी कर रहे है।

हमर लैब से अटल आरोग्य लैब बन जाने से अब लोगो की मुश्किलें बढ़ गई हैं ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इन दिनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत लोगो को किसी भी बीमारी के जांच के बाद जांच रिपोर्ट के लिए एक या दो दिन का इंतज़ार करना पड़ रहा है। क्यूँकि लखनपुर के लैब में जाँच के लिए सैंपल लेने के बाद उसे अम्बिकापुर भेजा जाता है जिसके बाद दूसरे दिन लैब का रिपोर्ट आ पाता है तब तक लोग काफ़ी परेशान नज़र आते हैं। लोगो को बीमारी के बारे में वास्तविक जानकारी समय पर नहीं मिल पाने से उन्हें इलाज के लिए इंतज़ार करना पड़ता है जिसके बाद दूसरे दिन रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के हिसाब से उनका इलाज हो पाता है। इस संबंध में जब जानकारी जुटायी गई तो पता चला कि पूरे छत्तीसगढ़ में लैब का टेंडर एचएलएल कंपनी द्वारा लिया गया है जिसके बाद अब छत्तीसगढ़ के अंदर अस्पतालों के लैबों में हाइटेक लैब उपकरण लगाए जाएँगे जिसके बाद बीमारियों से जुड़े रिपोर्ट सही और सटीक और शीघ्र गति से लैबों से प्राप्त होंगे। जानकारी मे यह भी पता चला है कि लैब में कार्यरत कर्मचारी भी अब एचएलएल कंपनी के ही होंगे जिसके बाद जिले में लैब तकनीशियनों के द्वारा इस मामले में विरोध के स्वर भी उठते नजर आ रहे हैं जिसके बाद ये आरोप भी कहीं न कहीं सुनने को मिल रहा है कि लैबों का निजीकरण कर दिया जा रहा है जिसके बाद आने वाले दिनों में वर्तमान में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा क्या कार्य किया जाएगा या शासन उनसे क्या कार्य कराएगी ये देखने वाली बात होगी। फिलहाल ये बात तो स्पष्ट है कि आगे आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी देखने मिलेगी परंतु वर्तमान में यह सबसे बड़ा सवाल है की अगर जल्द से जल्द लैब को सही ढंग से संचालित नहीं किया गया तो लोगो का क्या होगा जो शासन द्वारा संचालित लैबों पर जांच के लिए निर्भर रहते हैं। या फिर जाँच रिपोर्ट देरी में मिलने से अगर किसी मरीज के साथ कोई अप्रिय घटना इलाज के दौरान घटित होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?फिलहाल छेत्रवासियों ने स्वास्थ्य सुविधाओं में हो रही परेशानी को देखते हुए जल्द से जल्द व्यवस्था सुधार की मांग की है।


  • इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पीएस मारको से बात करने पर उन्होंने कहा कि

मामला संज्ञान में आया है प्रयास रहेगा की जांच के बाद तत्काल उन्हें रिपोर्ट उपलब्ध कराया जाए। साथी उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार जितना पद लैब टेक्नीशियन का खाली रहेगा HLL कंपनी के द्वारा उतना पद दिया जाएगा। मगर बात निकाल कर सामने आ रही है कि HLL कंपनी के द्वारा अस्पताल के टेक्निशियनों से कार्य नहीं लिया जा रहा है जो टेक्नीशियन है उन्हें शिविर और अन्य माध्यमो से काम दिया जाएगा।

      सीएमएचओ डॉ पी एस मारको 

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