दुर्ग। दुर्ग-धमधा मुख्य मार्ग स्थित शिवनाथ नदी में छलांग लगाकर एक ढाबा संचालक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान संजय ओझा (46 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पथरिया चौक स्थित एक ढाबे का संचालन करते थे। घटना मंगलवार 4 अगस्त की शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने बुधवार सुबह संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया और करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, संजय ओझा रोज की तरह अपने घर से निकले थे। परिजनों को उम्मीद थी कि वे रोज की तरह देर शाम तक वापस लौट आएंगे, लेकिन वे सीधे दुर्ग-धमधा मार्ग स्थित शिवनाथ नदी पुल पर पहुंचे और वहां से नदी में छलांग लगा दी। पुल के आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें नदी में गिरते देखा और तुरंत शोर मचाते हुए पुलिस को सूचना दी। हालांकि, जब तक राहत टीम मौके पर पहुंचती, तब तक वे नदी की गहराई में डूब चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही धमधा और नंदिनी थाना पुलिस सक्रिय हुई। अगले दिन सुबह करीब 5 बजे पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद दुर्ग से एसडीआरएफ की विशेष टीम को भी बुलाया गया। गोताखोरों ने नदी में लगातार कई घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद सुबह लगभग 11:20 बजे संजय ओझा का शव नदी से बरामद किया गया। शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बताया गया है कि मृतक मूल रूप से भिलाई के बैकुंठ धाम क्षेत्र के निवासी थे, जो छावनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वे लंबे समय से पथरिया चौक के पास ढाबा संचालित कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनकी अचानक मौत की खबर से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस आर्थिक तंगी, पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या अन्य किसी व्यक्तिगत कारण सहित सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए परिजनों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। नंदिनी थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी दुख व्यक्त किया है। कई लोगों का कहना है कि संजय ओझा शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और क्षेत्र में अच्छी पहचान रखते थे। हालांकि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह सभी के लिए हैरानी का विषय बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में मानसिक तनाव, अवसाद या असामान्य व्यवहार के संकेत दिखाई दें तो उसे अकेला न छोड़ें और समय रहते परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों की सहायता लें। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के सामने आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






