विकास के दावों की पोल खोलते मुंगेली के मुख्य मार्ग के जानलेवा गड्ढे और बेपरवाह पार्किंग` मंत्री, उपमुख्यमंत्री और विधायक के गृह जिले में ही बदहाल सड़क, विकास सिर्फ प्रथम नगर आगमन तक सीमित  मुंगेली। रिपोर्टर: संदीप यादव

जिले में विकास के बड़े-बड़े दावों और करोड़ों के बजट के बीच मुंगेली शहर की सच्चाई शर्मसार करने वाली है। शहर का मुख्य मार्ग आज गड्ढों और अवैध पार्किंग के कारण आम जनता के लिए काल बन चुका है। हर दिन सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं।

विकास कहां तक सीमित?

स्थानीय नागरिकों का साफ आरोप है कि विकास सिर्फ `प्रथम नगर आगमन` तक ही सिमट कर रह गया है। आगमन द्वार पर लाखों खर्च कर सजावट, लाइट और रंग-रोगन किया जाता है ताकि बाहर से आने वाले मेहमानों और अधिकारियों को “विकसित मुंगेली” दिखे। लेकिन जैसे ही शहर के अंदर कदम रखते हैं, _विकास के दावों की हवा निकल जाती है।_ मुख्य मार्ग विकास से पूरी तरह अछूता है।

डबल मुसीबत: गड्ढे , अवैध पार्किंग और हादसों का अड्डा

1. जानलेवा गड्ढे` मुख्य मार्ग पर जगह-जगह 1-2 फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के पानी से ये गड्ढे तालाब बन गए हैं। अंदर कितना गहरा गड्ढा है इसका अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन चालक सीधे उसमें गिर जाते हैं। कई दोपहिया चालक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं।

2. बेपरवाह पार्किंग  ऊपर से दुकानदार और ग्राहक मुख्य मार्ग पर ही बेपरवाह होकर गाड़ी पार्क कर देते हैं। सड़क का 40% हिस्सा पार्किंग में चला जाता है। बचे हुए हिस्से में गड्ढे हैं। सुबह और शाम ऑफिस-स्कूल के समय यहां जाम लगना आम बात है। एंबुलेंस तक को निकलने में दिक्कत होती है।

कई बार शिकायत, कोई सुनवाई नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका, PWD और ट्रैफिक पुलिस को लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं। सोशल मीडिया पर भी कई बार वीडियो वायरल हुए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन देकर चुप हो जाते हैं। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत के बाद कोई सुध नहीं लेता।

जनता ठगी हुई महसूस कर रही

ऐसे हालातों को देखकर आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। लोगों का कहना है कि हम टैक्स भी देते हैं, वोट भी देते हैं, लेकिन सड़क, सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। विकास के नाम पर सिर्फ दिखावा और फोटो सेशन हो रहा है, जमीनी स्तर पर कुछ नहीं।

सबसे बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन?

यह जिले का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि वर्तमान में जिले से _उपमुख्यमंत्री अरुण साव_, _केंद्रीय मंत्री तोखन साहू_ और _स्थानीय विधायक व पूर्व खाद्य मंत्री पुन्नू लाल मोहले_ जैसे बड़े जनप्रतिनिधि होने के बावजूद शहर की हालत खस्ता है।

हाल ही में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू भी इसी मार्ग से प्रथम नगर आगमन करते हुए रोड शो किया था, लेकिन मुख्य मार्ग आज भी वैसा का वैसा ही पड़ा है।

जनता की मांग और प्रशासन से सवाल

शहरवासियों ने प्रशासन से 3 मांगें की हैं:  

1. मुख्य मार्ग की तुरंत मरम्मत और गड्ढों को भरना

2. मुख्य मार्ग पर नो-पार्किंग जोन घोषित कर सख्त कार्रवाई

3. जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही के लिए कार्रवाई

सवाल यह भी है कि करोड़ों का बजट कहां जा रहा है? क्या विकास सिर्फ फोटो सेशन और वीआईपी आगमन तक ही सीमित है?

Hot Topics

Related Articles