राजकुमार अग्रवाल ,बल्दीडीह/सांकरा :- सावन के पावन अवसर पर सांकरा से कांवड़ यात्रा में शामिल होकर करीब 300 महिला एवं पुरुष श्रद्धालु पवित्र जल लेकर गढ़फुलझर स्थित शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए रवाना हुए। कांवड़ यात्रियों के भगत देवरी पहुंचने पर ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों द्वारा उनका धूमधाम और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया।
कांवड़ यात्रियों के स्वागत एवं सेवा कार्यक्रम का आयोजन श्री संपूर्णानंद साहू जी, श्री दयानिधि प्रधान जी एवं संदीप अग्रवाल के मुख्य नेतृत्व में किया गया। तीनों ने आयोजन की पूरी जिम्मेदारी संभालते हुए कांवड़ यात्रियों के स्वागत, जलपान एवं अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से पूरा कराया। उनके नेतृत्व में भगत देवरी में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं।
इस दौरान श्री संपूर्णानंद साहू जी ने आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी संभाली, वहीं श्री दयानिधि प्रधान जी ने स्वागत एवं सेवा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई। संदीप अग्रवाल ने भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीनों के संयुक्त प्रयास से कांवड़ यात्रियों के लिए सेवा और स्वागत की बेहतर व्यवस्था की गई।
क्षेत्र क्रमांक 10 के जिला पंचायत सदस्य मोक्ष प्रदान भी कांवड़ यात्रा में शामिल रहे। इस अवसर पर पूर्व जनपद सदस्य डॉ. हेमंत कौशिक तथा जिला अध्यक्ष बलराज नायडू भी उपस्थित रहे और कांवड़ यात्रियों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में गणेश राम साहू जी, भूषण पटेल, आत्माराम पटेल, सुशील बढ़ाई, सचिन महापात्र, नरेंद्र जोशी, किरण पटेल एवं मुकेश प्रधान सहित अनेक ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी सहयोगियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कांवड़ यात्रियों के स्वागत एवं सेवा में योगदान दिया।
भगत देवरी में कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं के पहुंचते ही फूल-माला पहनाकर एवं तिलक-चंदन लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से बैठने की व्यवस्था की गई और उन्हें सम्मानपूर्वक बैठाकर जलपान कराया गया। स्वागत स्थल पर चाय, बिस्किट, ठंडा पानी एवं पानी के पाउच की भी व्यवस्था की गई थी।
कांवड़ यात्रा के साथ डीजे वाहन भी चल रहा था। डीजे की भक्तिमय धुनों और भगवान भोलेनाथ के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया। श्रद्धालु उत्साह और भक्तिभाव के साथ कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहे थे। जैसे ही कांवड़ यात्रियों का जत्था भगत देवरी पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आयोजन से जुड़े सहयोगी उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे।
महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। महिलाओं के लिए बैठने की उचित व्यवस्था करते हुए उनका भी फूल-माला एवं तिलक-चंदन से सम्मान किया गया। श्रद्धालुओं को चाय-बिस्किट एवं पानी उपलब्ध कराया गया। सेवा में जुटे आयोजकों और सहयोगियों ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सांकरा से पवित्र जल लेकर निकले कांवड़ यात्री भगत देवरी होते हुए गढ़फुलझर स्थित शिव मंदिर पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ जल अर्पित किया। कांवड़ यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
आयोजन के मुख्य रूप से जिम्मेदार श्री संपूर्णानंद साहू जी, श्री दयानिधि प्रधान जी एवं संदीप अग्रवाल ने कहा कि सावन के पावन महीने में भगवान शिव के भक्तों की सेवा और स्वागत करना सौभाग्य की बात है। इसी भावना के साथ कांवड़ यात्रियों के लिए भगत देवरी में स्वागत एवं सेवा की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम में सभी सहयोगियों ने मिल-जुलकर सेवा कार्य को सफल बनाया। फूल-माला से स्वागत, तिलक-चंदन, बैठने की व्यवस्था, चाय-बिस्किट, पानी पाउच और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के माध्यम से कांवड़ यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
भगत देवरी में हुए इस भव्य स्वागत से कांवड़ यात्रियों में भी खुशी और उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं की सेवा को अपना सौभाग्य बताते हुए उन्हें गढ़फुलझर स्थित शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए शुभकामनाएं दीं। धार्मिक आस्था, सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकता से भरा यह आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।






